Kolkata Stampede Aftermath: कोलकाता हादसे के बाद झारखंड पुलिस अलर्ट, दुर्गा पूजा पंडालों और मेलों की सुरक्षा बढ़ाने के कड़े निर्देश
रांची: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भीषण भगदड़ की घटना में 19 श्रद्धालुओं की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद झारखंड पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है. राज्य में दुर्गा पूजा पंडालों और मेलों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त करने का कड़ा निर्देश दिया है. इस संबंध में आईजी अभियान की ओर से राज्य के सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और रेल एसपी को औपचारिक पत्र जारी कर दिया गया है.
🌧️ बारिश के बाद कमजोर बांस और ढीली रस्सियों की होगी जांच, झूलों के निरीक्षण के भी आदेश
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र में गत 16 अक्टूबर को हुई बारिश का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है. इसमें आशंका जताई गई है कि बारिश के पानी के कारण पूजा पंडालों के निर्माण में इस्तेमाल किए गए बांस की नींव कमजोर हो सकती है, और पंडालों को मजबूती से बांधने के लिए इस्तेमाल की गई रस्सियों की गांठें भी ढीली पड़ सकती हैं. ऐसे में सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत पंडालों की संरचनात्मक मजबूती की भौतिक जांच करवाएं और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते दूर करें. इसके अलावा, मेलों में लगाए जाने वाले झूलों का भी तकनीकी निरीक्षण करने को कहा गया है, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी या कमजोर ढांचे के कारण कोई अनहोनी न हो.
🛡️ अग्नि सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सीसीटीवी निगरानी की होगी कड़ी समीक्षा
जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जिला स्तर पर सभी पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी, जिसमें अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, बिजली की पूरी तरह सुरक्षित वायरिंग, भीड़ नियंत्रण के उपाय, आपातकालीन निकास (Emergency Exit) मार्ग और सीसीटीवी कैमरों से पैनी निगरानी रखने जैसे बेहद महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं. सुरक्षा ऑडिट के दौरान जिन पंडालों में किसी भी प्रकार की कमियां पाई जाती हैं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. खासकर अधिक भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने तथा प्रवेश व निकास के रास्तों को पूरी तरह व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया है.
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