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Durg Cyber Crime: मतदाता सूची (SIR) सुधार के नाम पर भिलाई में साइबर ठगी, निजी कंपनी अधिकारी से 6.25 लाख पार

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अज्ञात जालसाज ने खुद को निर्वाचन आयोग का अधिकारी बताकर एक निजी कंपनी में डीजीएम पद पर कार्यरत अधिकारी को अपना शिकार बनाया। आरोपी ने फोन कर पीड़ित को झांसा दिया कि उनके पिता का नाम मतदाता सूची में गलत दर्ज है और उसमें सुधार के लिए व्हाट्सएप पर एक फॉर्म लिंक भेजा। लिंक पर जानकारी भरते ही पीड़ित के बैंक खाते से 6 लाख 25 हजार रुपये की भारी रकम साफ हो गई।

📱 आईएमपीएस (IMPS) के जरिए निकाला पैसा: भिलाई-3 पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को पीड़ित के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था। पिता के नाम में सुधार की बात को सामान्य सरकारी प्रक्रिया समझकर पीड़ित ने भेजे गए लिंक पर फॉर्म भर दिया। इसके तुरंत बाद उनके बैंक खाते से IMPS के माध्यम से 6,25,000 रुपये काट लिए गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर सेल और 9 अक्टूबर को भिलाई-3 थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर व्हाट्सएप नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और संदिग्ध खातों की जांच शुरू कर दी है।

🛡️ साइबर ठगी से सावधान: फर्जी लिंक्स, एपीके (APK) फाइलों और फर्जी सरकारी कॉल्स से ऐसे बचें

पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद आम नागरिकों को किसी भी अनजान लिंक या सरकारी प्रक्रिया के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल्स से सतर्क रहने की सख्त चेतावनी दी है। साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ बेहद जरूरी उपाय अपनाएं:

  • ओटीपी और पिन कभी न शेयर करें: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP, UPI पिन या बैंक विवरण साझा न करें।

  • अज्ञात लिंक्स पर न करें क्लिक: व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, इससे आपके डिवाइस में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है।

  • फर्जी एपीके फाइलें डाउनलोड न करें: बिजली बिल, चालान, पार्सल या वोटर कार्ड अपडेट के नाम पर आने वाली APK फाइलों को कभी इंस्टॉल न करें।

  • डिजिटल अरेस्ट और फर्जी अधिकारियों से सावधान: सीबीआई, ईडी, पुलिस या चुनाव आयोग का अधिकारी बनकर वीडियो/ऑडियो कॉल करने वालों से सतर्क रहें। सरकारी एजेंसियां कभी फोन पर पैसे या फॉर्म नहीं भरवातीं।

  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) रखें ऑन: अपने सभी बैंक ऐप्स और ऑनलाइन खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें और अपने सिस्टम को हमेशा अप-टू-डेट रखें।

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