Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Balod News: कबीरधाम में भारतीय किसान संघ का उग्र प्रदर्शन, 23 सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रैक्टरों से क... Chhattisgarh Industrial Fire: भिलाई की फैक्ट्री में कैमिकल ड्रम फटने से लगी आग, बाल-बाल बचे मजदूर Raipur News: शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज, प्रशासन ने पूरी की... Chhattisgarh News: तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर सीएम साय का बयान, 'सेवा ज्योति संकल्प' के त... Bastar Development News: सहकारिता मॉडल पर चर्चा के लिए बस्तर पहुंचे विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिव... Nana Patekar Demise: पद्म श्री पुरस्कार विजेता मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन... Kisan Andolan Chhattisgarh: धान के बढ़े दाम और बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने निकाली ट्रैक्... Dantewada News: दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि दुकान आवंटन को लेकर व्यापारियों का विरोध, सड़क पर जगह म... Chhattisgarh Crime News: कमिश्नरेट पुलिस ने जब्त किया 1 क्विंटल 27 किलो गांजा, एनडीपीएस एक्ट के तहत ... Cyber Crime Ranchi: APK फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खाता खाली करने वाला शातिर गिरोह सक्रिय, FIR दर्ज

Coal India PME Update: कोलकर्मियों की हर साल होगी स्वास्थ्य जांच? प्रस्तावित नई व्यवस्था के खिलाफ मुखर हुईं यूनियनें

6

कोल इंडिया लिमिटेड में कोलकर्मियों की मेडिकल जांच को लेकर प्रस्तावित एक नई व्यवस्था पर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। प्रबंधन द्वारा खदानों में कार्यरत कर्मचारियों की आवधिक चिकित्सा जांच (PME) को अब हर साल यानी सालाना करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही, 40 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए भी हर साल स्वास्थ्य जांच अनिवार्य करने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिसका श्रमिक यूनियनों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।

⚠️ कर्मचारियों को अस्वस्थ घोषित कर मैनपावर घटाने का लगाया जा रहा आरोप

जेबीसीसीआई (JBCCI) के पूर्व सदस्य बिंदेश्वरी प्रसाद और कोल वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शरीफ ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह मजदूर विरोधी बताया है। यूनियनों का आरोप है कि हर साल होने वाली इस मेडिकल जांच की आड़ में धीरे-धीरे कर्मचारियों को अस्वस्थ घोषित कर उन्हें ड्यूटी से हटाने की साजिश रची जा रही है। उनका कहना है कि यदि कर्मचारियों को स्वास्थ्य कारणों से अलग किया गया, तो इससे उनके वेतन, ओटी (OT), संडे, बोनस, ग्रेच्युटी और पीएफ जैसे तमाम सेवा लाभों पर सीधा और बुरा असर पड़ेगा।

📅 3 सितंबर की एपैक्स जेसीसी बैठक में आया था प्रस्ताव, आंदोलन की चेतावनी

यह पूरा मामला 3 सितंबर 2026 को हुई कोल इंडिया की एपैक्स जेसीसी (Apex JCC) की बैठक में चर्चा के दौरान सामने आया था, जहां प्रबंधन ने इस प्रस्तावित प्रारूप को यूनियन प्रतिनिधियों के सामने रखा था। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ किया गया, तो वे इसके खिलाफ लिखित विरोध दर्ज कराएंगे और जरूरत पड़ने पर व्यापक स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा। फिलहाल यह एक प्रस्तावित व्यवस्था है और अंतिम नियम आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.