Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Itarsi Leopard News: ऑर्डनेंस फैक्ट्री और केंद्रीय विद्यालय परिसर में तेंदुए की चहलकदमी से दहशत, वन ... Simhastha 2028 Preparations: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया सड़क और पुल निर्माण का निरीक्षण, जल्द मिल... Ujjain Collector Appeal: सड़क चौड़ीकरण के लिए सभी धर्म-समुदाय के लोग दे रहे हैं सहयोग, शांति व्यवस्थ... Chirag Paswan on Competitive Exams: परीक्षा रद्द होने पर विभाग उठाए अभ्यर्थियों का खर्च, प्रयागराज म... JDU Entry in UP Assembly Election 2027: बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ेगी जेडीयू, मंत्री निश... UP Sweets Use By Date Mandatory: उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर खाद्य विभाग सख्त, जानिए उत्तर प्रदे... Divyanshi Yadav Case KGMU: डेंगू इलाज में लापरवाही और छात्राओं से जबरन ड्यूटी कराने के आरोपों पर घिर... Actress Arrested in Thane Prostitution Case: महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस की रेड, कस्टमर से 25 हजार ... Hyderabad Cyber Fraud Case: हैदराबाद में डॉक्टर से 14.61 करोड़ की ऑनलाइन ठगी, फेसबुक पर दोस्ती कर फर... Kedarnath Route Landslide: चिरबासा के पास फंसे 1,500 तीर्थयात्रियों को SDRF और NDRF की टीमों ने सुरक...

Manendragarh News: मनेंद्रगढ़ में 44 लाख की लागत से बन रही नाली बनी जी का जंजाल, दो महीने से अधूरा पड़ा है निर्माण

3

एमसीबी: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ शहर के वार्ड नंबर 16 में नगर पालिका द्वारा करीब 44 लाख रुपए की बड़ी लागत से नाली का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। लेकिन यह नाला स्थानीय रहवासियों के लिए सुविधा के बजाय लगातार एक बड़ी परेशानी और डर का सबब बनता जा रहा है। पिछले करीब दो महीने से यह निर्माण कार्य बीच में ही अधूरा लटका हुआ है, और 100 मीटर से अधिक लंबी इस नाली को कई स्थानों पर पूरी तरह खुला छोड़ दिया गया है। स्थिति यह है कि जिन लोगों के घरों के ठीक सामने यह नाली खुली पड़ी है, वहां हर पल किसी बड़े हादसे का गंभीर डर बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस नाली निर्माण के दौरान पूर्व में भी कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार द्वारा सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।

⚠️ घर के सामने खुली नाली और बाहर निकली सरिया, हर कदम पर मंडरा रहा हादसों का खतरा

क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, जब से निर्माण कार्य शुरू हुआ है तब से नाली कई जगहों पर अधूरी ही छोड़ी गई है। कहीं गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं तो कहीं लोहे की नुकीली सरिया बाहर झांक रही है। सबसे ज्यादा विकट परेशानी उन परिवारों को उठानी पड़ रही है, जिनके मकानों के ठीक मुहाने पर नाली का निर्माण चल रहा है। लोगों का कहना है कि घर से बाहर कदम रखते ही सामने खुली नाली होने के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों को बेहद सावधानी के साथ चलना पड़ता है। बारिश के मौसम में हालात और भी ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं, क्योंकि जलभराव के कारण नाली की वास्तविक गहराई और उसमें छिपी लोहे की सरिया बिल्कुल स्पष्ट दिखाई नहीं देती है।

🦟 गंदा पानी और कचरा जमा होने से फैली दुर्गंध, मच्छरों के पनपने से बढ़ा बीमारियों का खतरा

निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण नाली के भीतर पानी की समुचित निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। कई स्थानों पर गंदा पानी और कचरा सड़ने लगा है, जिससे आसपास के पूरे इलाके में भयंकर दुर्गंध फैल रही है। लंबे समय से एक ही जगह पानी जमा रहने के कारण खतरनाक मच्छरों के तेजी से पनपने का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि नाली की डिजाइन या ढलान ऐसी है कि पूरा पानी आगे नहीं निकल पाता, बल्कि आधा पानी वहीं सड़ता रहता है जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। यदि समय रहते इस नाली का निर्माण पूरा नहीं कराया गया और पानी की निकासी सुचारू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में यह क्षेत्र किसी बड़ी बीमारी की चपेट में आ सकता है।

🚨 पहले भी शहर में हो चुके हैं दर्दनाक हादसे, फिर भी नहीं चेत रहा प्रशासन

मनेंद्रगढ़ शहर में पहले भी खुली और असुरक्षित नालियां लोगों के लिए जानलेवा साबित हो चुकी हैं। शहर में पूर्व में भी खुली नाला या नाली में गिरने से एक बुजुर्ग महिला की अकाल मौत होने की दर्दनाक घटना सामने आ चुकी है। इन सब भयानक हादसों के बावजूद शहर के कई हिस्सों में आज भी नालियां बिना किसी बैरिकेडिंग के खुली पड़ी हैं। ऐसे में वार्ड नंबर 16 में घरों के ठीक सामने लंबे समय से खुली पड़ी नाली और बाहर निकली लोहे की सरिया को लेकर रहवासियों की चिंता और डर पूरी तरह स्वाभाविक एवं जायज है।

🏛️ जिम्मेदारों के दावों के बीच सुरक्षा इंतजामों पर सवाल, नोटिस पर नोटिस दे रहा प्रशासन

एक तरफ जहां नगर पालिका अध्यक्ष बारिश का मौसम खत्म होने के बाद निर्माण कार्य को पूरा करवाने की बात कह रहे हैं, वहीं मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) लापरवाह ठेकेदार को लगातार नोटिस जारी करने की बात दोहरा रहे हैं। लेकिन जमीनी हक़ीक़त यह है कि आज भी आम नागरिकों के घरों के सामने नाली खुली पड़ी है और उसमें बाहर निकली लोहे की सरिया किसी भी वक्त एक बड़े और गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका को सिर्फ ठेकेदार से निर्माण पूरा कराने की चिंता नहीं होनी चाहिए, बल्कि जब तक काम पूरा नहीं होता तब तक लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की नैतिक जिम्मेदारी भी प्रशासन की ही है। नगरपालिका के अधिकारियों का कहना है कि नाली का निर्माण कार्य जारी है और ठेकेदार को सीसी कार्य के लिए पहले ही तीन बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब ठेकेदार को अंतिम बार नोटिस दिया जाएगा और काम न होने पर परिषद के सामने मामला रखकर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।

🤝 वार्डवासियों ने की पुख्ता सुरक्षा घेरे और अधूरे काम को जल्द पूरा करने की मांग

परेशान वार्डवासियों ने नगर पालिका प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कड़े शब्दों में मांग की है कि इस अधूरे नाली निर्माण को युद्धस्तर पर जल्द पूरा किया जाए, खुली नाली के आसपास सुरक्षा के लिए घेराबंदी (बैरिकेडिंग) की जाए, बाहर निकली हुई खतरनाक सरिया को सुरक्षित किया जाए और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और अहम होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान किसी अनहोनी या दुर्घटना के होने से पहले कर पाता है या फिर हमेशा की तरह किसी हादसे के बाद ही जिम्मेदारी तय करने की रस्म अदायगी शुरू की जाती है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.