धमतरी में शराबी शिक्षक पर एक्शन, बिना बताए छुट्टी और अनुशासनहीनता पर लोक शिक्षण संचालनालय ने किया सस्पेंड
धमतरी (छत्तीसगढ़): मगरलोड विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलौदी में पदस्थ व्याख्याता (एलबी) नारायण प्रसाद साहू पर शिक्षा विभाग ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
विद्यालय परिसर में शराब का सेवन कर पहुंचने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्य को गंभीर रूप से बाधित करने और लंबे समय तक बिना किसी पूर्व सूचना अथवा सक्षम स्वीकृति के ड्यूटी से नदारद रहने के गंभीर आरोपों की पुष्टि होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
व्याख्याता के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय को लिखित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। प्राप्त शिकायतों में उल्लेख किया गया था कि शिक्षक नियमित रूप से नशे की हालत में स्कूल आते हैं, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण और अनुशासन पूरी तरह धूमिल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर पर प्राथमिक जांच कराई गई और विस्तृत जांच प्रतिवेदन लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ को प्रेषित किया गया था।
📅 बिना सूचना लगातार स्कूल से नदारद रहे शिक्षक: कारण बताओ नोटिस का जवाब पाया गया असंतोषजनक
विभागीय जांच और सेवा नियमों के उल्लंघन का ब्योरा:
-
अनधिकृत अनुपस्थिति की पुष्टि: विभागीय जांच और उपस्थिति पंजी के सूक्ष्म परीक्षण में शिक्षक की लंबी अनुपस्थिति प्रमाणित हुई।
-
लंबी छुट्टियों का रिकॉर्ड: रिकॉर्ड के अनुसार, व्याख्याता नारायण प्रसाद साहू 1 मार्च से 5 अप्रैल 2026 तक और इसके उपरांत ग्रीष्मावकाश के बाद 16 जून से 23 जून 2026 तक बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश आवेदन के मनमाने ढंग से स्कूल से अनुपस्थित पाए गए।
-
असंतोषजनक जवाब: अनुशासनहीनता के इस मामले में विभाग द्वारा उन्हें विधिवत कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया था, परंतु उनका प्रस्तुत जवाब पूरी तरह असंतोषजनक और निराधार पाया गया।
-
सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन: लोक शिक्षण संचालनालय ने इसे गंभीर कदाचार और पदीय गरिमा के विपरीत मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन का अधिकृत आदेश जारी किया।
🏢 मगरलोड बीईओ कार्यालय तय हुआ मुख्यालय: 7 दिनों में आरोप पत्र पेश करने के निर्देश
निलंबन काल के दौरान व्यवस्थाएं और प्रशासनिक निर्देश:
-
मुख्यालय निर्धारण: निलंबन अवधि के दौरान व्याख्याता नारायण प्रसाद साहू का प्रशासनिक मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), मगरलोड नियत किया गया है।
-
जीवन निर्वाह भत्ता: निलंबन काल के दौरान संबंधित शिक्षक को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते (Subsistence Allowance) की पात्रता होगी।
-
आरोप पत्र दाखिल करने के आदेश: संचालनालय ने संबंधित अधिकारियों को निलंबन आदेश की अनिवार्य तामिली सुनिश्चित करने के साथ ही प्रकरण से जुड़े औपचारिक आरोप पत्र की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी सात दिवस के भीतर प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है ताकि विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
⚖️ लापरवाही और अनुशासनहीनता पर शिक्षा विभाग का कड़ा संदेश: शैक्षणिक गुणवत्ता से समझौता नहीं
प्रशासनिक रुख और विद्यार्थियों के हित में संदेश:
-
शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी: शिक्षा विभाग ने इस त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों से उच्चतम स्तर के नैतिक आचरण, अनुशासन और समयबद्धता की अपेक्षा की जाती है।
-
पढ़ाई से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: छात्रों के भविष्य और अध्यापन कार्य को प्रभावित करने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही, नशेबाजी अथवा अनाधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर भविष्य में भी बिना किसी रियायत के कठोर विधिक व विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.