रायपुर (छत्तीसगढ़): राज्य के निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और उनकी मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं विनियामक आयोग ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।
अब प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों द्वारा जारी की जाने वाली डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और मार्कशीट का संपूर्ण आधिकारिक रिकॉर्ड एक ही केंद्रीकृत वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से संधारित किया जाएगा। राज्यपाल रमेन डेका ने सोमवार को लोक भवन (राजभवन) में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के इस अत्याधुनिक वेब पोर्टल का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष डॉ. वी.के. गोयल समेत अन्य वरिष्ठ सदस्य और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
💻 एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी सभी जानकारियां: फर्जीवाड़े पर लगेगा पूर्ण विराम
नए वेब पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं:
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एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म: छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर वी.के. गोयल ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश की सभी निजी यूनिवर्सिटीज से संबंधित हर प्रकार की अद्यतन जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।
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पाठ्यक्रम और शैक्षणिक कैलेंडर: पोर्टल पर अनुमोदित कोर्स विवरण, मान्यता प्राप्त सीटों की संख्या, फीस संरचना और वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर (एकेडेमिक कैलेंडर) स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा।
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छात्रों का पारदर्शी रिकॉर्ड: प्रत्येक संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का सम्पूर्ण डेटाबेस, पूर्व वर्षों के परीक्षा परिणाम (रिजल्ट्स) और वास्तविक समय पर जारी होने वाली अंकसूचियां सीधे अपलोड की जाएंगी।
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सत्यापन में होगी सुगमता: डिग्रियों और मार्कशीट का ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से फर्जी डिग्री सिंडिकेट पर प्रभावी रोक लगेगी, साथ ही नियोक्ता और उच्च शिक्षण संस्थान किसी भी छात्र के दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन आसानी से कर सकेंगे।
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