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रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह फीस पर विवाद: छात्रों ने मुख्य गेट पर किया प्रदर्शन

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रांची (झारखंड): झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय (JRSU) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह के लिए तय की गई भारी-भरकम फीस को लेकर खड़ा हुआ है।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा डिग्री और मेडल प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ₹2100 की अनिवार्य दीक्षांत फीस निर्धारित की गई है, जिसका विभिन्न छात्र संगठन और विद्यार्थी कड़ा विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को बड़ी संख्या में जुटे विद्यार्थियों और छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया और इस बढ़ी हुई फीस को अविलंब वापस लेने की मांग उठाई।

💸 ‘नो ड्यूज’ के बाद ₹2100 का अतिरिक्त भार: विद्यार्थियों में गहरा असंतोष

छात्रों का पक्ष और आरोप:

  • अतिरिक्त आर्थिक बोझ: छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले ही ‘नो ड्यूज’ सर्टिफिकेट के नाम पर प्रत्येक विद्यार्थी से ₹980 वसूल चुका है।

  • गरीब छात्रों की अनदेखी: छात्र नेता बबलू महतो ने आरोप लगाया कि दीक्षांत समारोह के नाम पर अलग से ₹2100 की अनिवार्य फीस थोपना आर्थिक रूप से कमजोर और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय है।

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मुख्य परिसर और गेट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। बातचीत के बाद छात्रों को इस मसले पर सकारात्मक समीक्षा का आश्वासन मिला है।

🏛️ 5 अक्टूबर को आयोजित होगा दूसरा दीक्षांत समारोह: राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि

आयोजन की रूपरेखा और विशिष्ट अतिथियों की सूची:

  • दूसरा दीक्षांत समारोह: विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. हेमेंद्र कुमार भगत ने बताया कि यह संस्थान का दूसरा दीक्षांत समारोह है, जिसकी तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।

  • 200 छात्रों को मिलेगी डिग्री: इस वर्ष लगभग 200 पासआउट विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी, जबकि पिछले वर्ष करीब 500 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई थी।

  • अतिथियों का जमावड़ा: 5 अक्टूबर को प्रस्तावित इस भव्य समारोह में झारखंड के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इसके साथ ही कई केंद्रीय और राज्य मंत्रियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है।

📜 ‘वाटरप्रूफ’ होगी इस बार की डिग्री: पांच छात्रों को मिलेगा गोल्ड मेडल

शैक्षणिक उपलब्धियां और डिग्रियों की खासियत:

  • गोल्ड मेडल का वितरण: रजिस्ट्रार के अनुसार इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 5 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक (Gold Medal) से नवाजा जाएगा।

  • विशेष सुरक्षात्मक डिग्री: इस बार दी जाने वाली डिग्रियों को तकनीकी रूप से उन्नत और विशेष बनाया गया है, जिन पर पानी, नमी या अन्य मौसमी प्रभावों का कोई असर नहीं पड़ेगा।

📋 ‘अब तक नहीं मिला औपचारिक ज्ञापन’: रजिस्ट्रार डॉ. हेमेंद्र कुमार भगत का स्पष्टीकरण

प्रशासनिक रुख और आगामी फैसला:

  • बातचीत का विकल्प खुला: रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन विद्यार्थियों से निरंतर संवाद बनाए हुए है।

  • लिखित ज्ञापन का अभाव: उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि को लेकर अब तक किसी भी विद्यार्थी ने आधिकारिक तौर पर लिखित ज्ञापन नहीं सौंपा है, हालांकि कुछ छात्र संगठनों ने मौखिक आपत्ति दर्ज कराई है।

  • समीक्षा बैठक जल्द: रजिस्ट्रार ने आश्वस्त किया कि छात्र संगठनों की आपत्तियों पर उच्चस्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि छात्रों के बढ़ते आक्रोश के बाद प्रशासन ₹2100 की फीस को वापस लेता है या इसमें कोई रियायत देता है।

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