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भीख मांग रहे बच्चों के अंग गायब होने की आशंका खारिज, मेडिकल बोर्ड ने सौंपी रिपोर्ट

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पलामू (झारखंड): बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा मेदिनीनगर क्षेत्र से भीख मांगते हुए रेस्क्यू किए गए दो बच्चों को लेकर मेडिकल बोर्ड की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है।

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि दोनों बच्चों के सभी अंदरूनी व बाहरी अंग पूरी तरह सुरक्षित हैं और कोई भी अंग गायब नहीं है। मेडिकल बोर्ड ने गुरुवार को पलामू सीडब्ल्यूसी को यह विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी, जिससे पिछले दो दिनों से बच्चों के साथ किसी गंभीर अंग तस्करी या अपराध की जताई जा रही आशंकाओं पर पूरी तरह विराम लग गया है।

⚠️ पेट पर चीरे के निशान देख जताई गई थी आशंका: मेडिकल बोर्ड ने की गहन जांच

मामले की पृष्ठभूमि और चिकित्सकीय परीक्षण:

  • कोयल नदी इलाके से रेस्क्यू: पलामू सीडब्ल्यूसी की टीम ने दो दिन पूर्व मेदिनीनगर के कोयल नदी तटवर्ती क्षेत्र से भीख मांग रहे दो लाचार बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया था।

  • चीरे के निशान से संशय: प्रारंभिक जांच के दौरान दोनों बच्चों के पेट पर एक ही स्थान पर सर्जरी अथवा गहरे चीरे जैसे निशान पाए गए थे, जिसके बाद यह आशंका जताई गई थी कि कहीं किसी गिरोह द्वारा इनके अंग तो नहीं निकाल लिए गए।

  • विशेषज्ञ बोर्ड का गठन: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था, जिसने बच्चों के संपूर्ण शारीरिक परीक्षण के बाद अंगों के सुरक्षित होने की पुष्टि की।

📋 सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन शैलेंद्र चतुर्वेदी का बयान: ‘सभी अंग सुरक्षित, दोबारा जांच की जरूरत नहीं’

प्रशासनिक रुख और परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया:

  • रिपोर्ट में पुष्टि: पलामू सीडब्ल्यूसी के चेयरपर्सन शैलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिसमें बच्चों के शरीर से किसी भी अंग के गायब न होने की औपचारिक पुष्टि की गई है।

  • अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं: अधिकारियों के अनुसार अब किसी अन्य मेडिकल जांच की आवश्यकता शेष नहीं है।

  • गया सीडब्ल्यूसी के जरिए सुपुर्दगी: बच्चों के माता-पिता ने सत्यापन के दौरान अपना स्थायी निवास बिहार का गया जिला बताया है। प्रशासनिक समन्वय के तहत दोनों बच्चों को गया बाल कल्याण समिति के माध्यम से विधिवत उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।

🎒 मुख्यधारा से जोड़ने की पहल: सरकारी योजनाओं और स्कूल में मिलेगा प्रवेश

बच्चों के पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य की योजना:

  • सरकारी योजनाओं का लाभ: बाल कल्याण समिति ने निर्णय लिया है कि बच्चों को भिक्षावृत्ति के दलदल से निकालकर समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

  • स्कूल में दाखिला: दोनों बच्चों का नियमित विद्यालय में दाखिला कराया जाएगा, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।

📄 सीडब्ल्यूसी के समक्ष परिजनों ने पेश किए दस्तावेज: पहचान का हुआ सत्यापन

परिजनों की पहचान और दावों की पड़ताल:

  • प्रारंभिक भ्रामक बयान: रेस्क्यू के समय बच्चों ने डर या असमंजस के कारण अपना संबंध उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से बताया था।

  • परिजनों की आमद: खबर प्रसारित होने के बाद बच्चों के वास्तविक माता-पिता पलामू सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचे और अपनी पहचान तथा बच्चों के अभिभावक होने के पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्य समिति के समक्ष प्रस्तुत किए।

  • निशानों की जांच पूरी: पेट पर मौजूद चीरे के निशानों को लेकर मेडिकल बोर्ड की क्लीन चिट मिलने के बाद अब कागजी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को उनके मूल घर भेजने की विधिक प्रक्रिया जारी है।

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