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अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी केस: ट्रस्ट को सौंपी गई SIT की अंतिम रिपोर्ट, पूर्व ट्रस्टी के दो करीबियों की एंट्री बैन

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अयोध्या (उत्तर प्रदेश): प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी प्रकरण में जांच प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।

गृह विभाग द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को सौंप दी है। इसी बीच ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्थाओं में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के दो बेहद करीबी सहयोगियों को मंदिर की व्यवस्था से तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उनके मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

🚫 केडी तिवारी उर्फ ‘बड़े बाबू’ और बजरंग पाठक पर गिरी गाज, मंदिर परिसर में एंट्री बैन

ट्रस्ट द्वारा हटाए गए दोनों कर्मचारी मंदिर के बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाल रहे थे:

  • केडी तिवारी (बड़े बाबू): ये रामलला के बहुमूल्य आभूषणों और श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित सोने-चांदी व अन्य कीमती वस्तुओं के आधिकारिक लेखा-जोखा और भंडार की जिम्मेदारी देख रहे थे।

  • बजrang पाठक: ये वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए विशेष प्रसाद, अंगवस्त्र और अन्य भेंट व्यवस्था का प्रबंधन संभालते थे।

  • कार्यालय से निष्कासन: शिकायतों के आधार पर दोनों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद मंदिर प्रबंधन से हटाकर उन्हें बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम स्थानांतरित कर दिया गया है। मंगलवार से दोनों के मंदिर प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।

👮‍♀️ महिला क्षेत्राधिकारी (CO) के साथ विवाद के बाद हुई त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, इस सख्त कार्रवाई की तात्कालिक वजह एक पुलिस अधिकारी से हुआ विवाद बना:

  • प्रसाद व्यवस्था पर विवाद: राम मंदिर परिसर में तैनात महिला क्षेत्राधिकारी (CO) और बजरंग पाठक के बीच दर्शन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था को लेकर तीखी बहस हो गई थी।

  • आधिकारिक शिकायत: महिला पुलिस अधिकारी द्वारा उच्च स्तर पर लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद ट्रस्ट प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों कर्मियों को व्यवस्था से बेदखल कर दिया।

🤝 साधु-संतों की शरण में पूर्व पदाधिकारी, आरोपों को बताया सोची-समझी साजिश

एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को मिलने के बाद अयोध्या के संतों और पूर्व पदाधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है:

  • संतों से मेल-मुलाकात: ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा लगातार साधु-संतों से भेंट कर रहे हैं।

  • साजिश का दावा: पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा विभिन्न अखाड़ों और संतों के साथ बैठकें कर स्वयं और चंपत राय पर लगे सभी आरोपों को दुर्भावनापूर्ण साजिश बता रहे हैं।

  • संतों का समर्थन: अयोध्या के कई प्रमुख साधु-संतों ने खुले तौर पर चंपत राय का समर्थन करते हुए उन्हें निष्कलंक और निर्दोष बताया है।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर SIT कर रही स्वतंत्र पड़ताल, अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत के स्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है:

  • सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र रूप से जांच कर रहा है, जो अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में सीलबंद लिफाफे में दाखिल करेगी।

  • 8 गिरफ्तारियां: जून के पहले सप्ताह में उजागर हुए इस सनसनीखेज चंदा चोरी मामले में पुलिस अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

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