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करनाल मंडी घोटाले में हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन: पूर्व विधायक की बेटी व पूर्व सचिव आशा सेवा से बर्खास्त

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करनाल (हरियाणा): विगत धान खरीद सीजन के दौरान ‘ई-खरीद पोर्टल’ से फर्जी गेटपास जारी करने और घोर पर्यवेक्षणीय लापरवाही बरतने के मामले में निलंबन के नौ माह उपरांत करनाल अनाज मंडी की पूर्व सचिव आशा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि बर्खास्त पूर्व सचिव आशा, नीलोखेड़ी के पूर्व विधायक मामूराम गोंदर की सुपुत्री हैं। इसके अतिरिक्त, असंध मंडी के पूर्व सचिव कृष्ण धनखड़ तथा घरौंडा मंडी के पूर्व सचिव चंद्र प्रकाश को 3 वर्षों की अवधि के लिए पदावनत (Demote) कर दिया गया है। यह कठोर दंडात्मक कार्रवाई ‘हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड’ (HSAMB) द्वारा जिले में उजागर हुए करोड़ों रुपये के धान गबन की विस्तृत विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर संपादित की गई है।

💻 ई-खरीद पोर्टल में धांधली और गेटपास निगरानी में विफलता, जांच में खुले कई राज

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट में यह तथ्य स्पष्ट हुआ है कि तीनों दोषी अधिकारियों ने ई-खरीद पोर्टल से जारी होने वाले डिजिटल गेटपासों की कोई प्रभावी निगरानी (Monitoring) नहीं की।

जांच के दौरान एक ही समय में एक से अधिक संदिग्ध आईपी एड्रेस (IP Addresses) से गेटपास जारी किए गए और मंडियों में धान की वास्तविक भौतिक आवक (Physical Arrival) की तुलना में अत्यधिक मात्रा में फर्जी गेटपास काटे गए। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर कोई प्रशासनिक नियंत्रण नहीं था, जिसके चलते इस वृहद वित्तीय अनियमितता को अंजाम दिया गया।

📹 साक्ष्य छिपाने और सीसीटीवी फुटेज गायब करने को माना गंभीर अपराध, निष्पक्ष जांच की मांग खारिज

विभागीय पड़ताल के दौरान आरोपी अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्य और मंडी परिसर में स्थापित सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की डिजिटल फुटेज आदि जांच दल को उपलब्ध नहीं कराए गए।

प्रशासन ने साक्ष्य छिपाने और असहयोग करने के इस कृत्य को अत्यंत गंभीर अनुशासनहीनता माना है। हालांकि, जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने के उपरांत तीनों पूर्व अधिकारियों ने पुनः निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी, किंतु बोर्ड ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने और साक्ष्यों का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के पश्चात कड़ा निर्णय लेते हुए बर्खास्तगी व डिमोशन के आदेश पारित कर दिए।

🚓 20 करोड़ के धान गबन का है पूरा मामला, पुलिस व विभागीय जांच अभी भी जारी

उल्लेखनीय है कि पिछले सीजन में करनाल, असंध और घरौंडा अनाज मंडियों से लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य के धान के भौतिक गबन का मामला सामने आया था।

इस बहुचर्चित घोटाले में आपराधिक जवाबदेही तय करने हेतु पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के साथ-साथ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी समांतर रूप से जारी है।

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