Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Punjab High Court Notice to Govt: डीए/डीआर भुगतान में विफलता पर मुख्य सचिव तलब; तरुण चुग का मान सरका... Jalandhar BJP News: जालंधर में भाजपा बस्ती बावा खेल मंडल की नई टीम घोषित; मिशन 2027 को लेकर कार्यकर्... Punjab UDISE Survey 2026-27: यूडाइस सर्वे के काम में देरी पर शिक्षा विभाग सख्त; 30 सितंबर तक अल्टीमे... Punjab Crime News: गुरदासपुर केंद्रीय जेल में कैदियों में भिड़ंत; सायरन बजते ही इलाके में हड़कंप, 2 ... Jashpur Wildlife News: जशपुर में खेत के पास मिला नर दंतैल हाथी का शव; दुलदुला वन परिक्षेत्र में मची ... Jashpur Crime Action: जशपुर में गुंडागर्दी पर बड़ा एक्शन! हवाई फायर कर मोबाइल लूटने वाले BRCC की सेव... Baloda Bazar Ganesh Visarjan: बलौदा बाजार में गणेश विसर्जन से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च; उपद्रवियों ... Chhattisgarh Infrastructure News: कवर्धा शहर को जाम से मिलेगी मुक्ति; ₹54 करोड़ की 4-लेन फोरलेन परिय... EC Voter List SIR Row: दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान; कांग्रेस बोली- 'ज... FJCCI Demand Ranchi: उद्घाटन के 3 साल बाद भी बंद पड़ा रांची ट्रांसपोर्ट नगर! FJCCI ने परिवहन सचिव रा...

जींद की बिमला देवी को हाईकोर्ट से जगी उम्मीद: दिवंगत पति परमजीत की पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों पर सरकार लेगी अंतिम फैसला

8

चंडीगढ़: लगभग 25 वर्षों की दीर्घकालिक सरकारी सेवा प्रदान करने के उपरांत पति की मृत्यु हो जाने के बावजूद पारिवारिक पेंशन (Family Pension) तथा अन्य सेवानिवृत्ति लाभ (Retirement Benefits) प्राप्त न होने के अत्यंत निराशाजनक मामले में जींद निवासी पीड़िता को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से न्याय की उम्मीद जगी है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस गंभीर प्रशासनिक विलंब पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि राज्य सरकार पीड़िता द्वारा 25 मई 2026 को प्रस्तुत किए गए प्रशासनिक मांग पत्र (Representation) पर आगामी तीन माह की समयावधि के भीतर कानून के प्रावधानों के तहत एक स्पष्ट, न्यायसंगत और कारणयुक्त (Reasoned Order) निर्णय पारित करे। उच्च न्यायालय ने यह भी ताकीद की है कि यदि जांचोपरांत महिला पेंशन व अन्य देय लाभों हेतु वैधानिक रूप से पात्र पाई जाती हैं, तो उन्हें बिना किसी अनावश्यक प्रशासनिक देरी के समस्त वित्तीय लाभ तत्काल प्रदान किए जाएं।

⚖️ वर्ष 1994 में हुई थी नियुक्ति, 2019 में सेवाकाल के दौरान हुई थी दुखद मृत्यु

माननीय न्यायमूर्ति (जस्टिस) हरप्रीत सिंह बराड़ ने जींद निवासी पीड़िता बिमला देवी द्वारा दायर याचिका का अंतिम निपटारा करते हुए यह ऐतिहासिक आदेश जारी किया।

याचिकाकर्ता बिमला देवी ने अपनी याचिका में मांग की थी कि उनके दिवंगत पति परमजीत की 18 जुलाई 1994 से 5 दिसंबर 2019 तक प्रदान की गई निर्बाध सेवाओं को पारिवारिक पेंशन और समस्त सेवानिवृत्ति लाभों की गणना हेतु वैधानिक रूप से पात्र माना जाए तथा बकाया राशि का भुगतान कराया जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.