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ग्वालियर में बनेगा देश का नया टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन: 5 बड़ी कंपनियां करेंगी निवेश, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंबई रोड शो में दी जानकारी

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भोपाल (मध्य प्रदेश): उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के पश्चात अब मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक शहर ग्वालियर देश का नया ‘टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनने की ओर अग्रसर है।

ग्वालियर में स्थापित हो रहे ‘टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन’ (TMZ) में मोबाइल फोन के विभिन्न कंपोनेंट्स और डिवाइस के अतिरिक्त सेमीकंडक्टर का निर्माण किया जाएगा। देश-विदेश के प्रमुख निवेशकों ने इस क्षेत्र में भारी रुचि दिखाई है। शुरुआती चरण में ही देश की 5 प्रमुख कंपनियों ने ₹1550 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव अंतिम रूप दिया है, जबकि 17 अन्य कंपनियों ने भी निवेश की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

📊 170 एकड़ जमीन पर 5 कंपनियों का बड़ा दांव, दूसरे चरण में 400 एकड़ का होगा विस्तार

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) के प्रथम चरण हेतु ग्वालियर में 170 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है, जबकि द्वितीय चरण में 400 एकड़ अतिरिक्त भूमि के विस्तार की योजना है।

दिल्ली से मात्र 300 किलोमीटर की भौगोलिक निकटता के कारण निवेशकों के लिए यह लॉजिस्टिक दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त सिद्ध हो रहा है। निवेश करने वाली प्रमुख कंपनियों में ‘एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स’ सर्वाधिक ₹700 करोड़ का निवेश करेगी। इसके अतिरिक्त अनंत सिस्टम्स ₹400 करोड़, स्टरलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड ₹200 करोड़, वीएनटी ₹150 करोड़ और टेसकॉम ₹100 करोड़ का निवेश करने जा रही हैं।

🏛️ सिर्फ ₹1 प्रति वर्गमीटर लीज पर 30 साल के लिए जमीन, 5 वर्षों तक ₹2 यूनिट मिलेगी बिजली

अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के अनुसार, केंद्र सरकार के प्रत्यक्ष सहयोग से तैयार हो रहे इस जोन में 6 एडवांस स्पेशल टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी।

निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार मात्र ₹1 प्रति वर्गमीटर की वार्षिक लीज दर पर 30 वर्षों के लिए भूमि प्रदान कर रही है। इसके साथ ही स्टाम्प शुल्क में 100% की छूट, विकास शुल्क के भुगतान हेतु 30 वर्षों की सुलभ समयावधि और शुरुआती 5 वर्षों तक मात्र ₹2 प्रति यूनिट की दर से रियायती बिजली व जल आपूर्ति की सुविधा दी जाएगी।

📱 केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का मुंबई रोड शो, भारत में प्रतिवर्ष बन रहे 33 करोड़ मोबाइल

मुंबई में आयोजित एक्सक्लूसिव रोड शो के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आत्मनिर्भर टेलीकॉम उत्पादक देश बन चुका है।

देश में 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 करोड़ के पार पहुँच चुकी है। वर्तमान में भारत में प्रतिवर्ष 33 करोड़ मोबाइल फोन्स का निर्माण हो रहा है, जबकि पूर्व में यह आंकड़ा मात्र 5 करोड़ था। उदाहरण स्वरूप, प्रसिद्ध ‘एप्पल’ (Apple) कंपनी भारत में निर्मित 20% आईफोन विदेशों में निर्यात कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्वालियर TMZ का भूमिपूजन शीघ्र संपन्न होगा।

🏬 उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब, नोएडा में 65% उत्पादन

वर्तमान में उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण हब है। नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65% और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स का 55% निर्माण होता है, जहाँ सैमसंग, वीवो, एलजी और ओप्पो जैसी वैश्विक कंपनियां कार्यरत हैं।

उत्तर प्रदेश के अलावा चेन्नई (तमिलनाडु), कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुरुग्राम (हरियाणा) में भी मोबाइल घटकों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है, जिसकी कतार में अब ग्वालियर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है।

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