शहडोल: इन दिनों शहडोल जिले के शासकीय आवासीय विद्यालय के हॉस्टल सुर्खियों में बने हुए हैं. ताजा मामला शहडोल जिले के शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय विचारपुर का है, जहां कक्षा 12वीं के एक छात्र सुमित चौधरी की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई. घटना के बाद अब यह मामला तूल पकड़ रहा है. परिजन कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
क्या है पूरा मामला ?
घटना शहडोल जिले के शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय विचारपुर से जुड़ी हुई है. बताया जा रहा है कि अनूपपुर जिले के पयारी गांव का रहने वाला छात्र सुमित चौधरी पिछले कुछ दिनों से स्कूल के छात्रावास में बीमार चल रहा था. विद्यालय प्रबंधन ने उसका प्रारंभिक उपचार भी कराया था, लेकिन 16 फरवरी को अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी. तभी छात्र के दादा उसे अपने साथ घर ले गए जहां उपचार के दौरान 19 फरवरी को उसकी मौत हो गई.
विद्यालय प्रबंधन पर परिजनों ने लगाये गंभीर आरोप
छात्र की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाये हैं. उन्होंने आरोप लगाया की छात्र की तबीयत लगातार बिगड़ने के बावजूद समय रहते उसे छुट्टी नहीं दी गई, जिससे उसका सही ढंग से इलाज नहीं हो सका और उसकी जान चली गई.
उधर, इस पूरे मामले को लेकर जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने बताया कि “छात्र की मौत की जांच के लिए तीन सदस्य टीम गठित की गई है, छात्र बीमार था और 16 फरवरी को उसके दादा उसे घर ले गए थे, जहां 19 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी.” वहीं, छुट्टी नहीं दिए जाने के आरोप को उन्होंने पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है और निराधार बताया है.
इतना ही नहीं इस विद्यालय में कार्यरत एक प्यून लक्ष्मी ने भी छात्रावास के छात्रों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, उनके मुताबिक छात्रावास के कई छात्र बेकाबू हैं और पाइप के सहारे हॉस्टल से भाग कर शहडोल शहर पहुंच जाते हैं, जहां कथित तौर पर नशे जैसी गतिविधियों में शामिल रहते हैं.
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