Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झीरम घाटी पर विजय शर्मा: "शहीद कांग्रेस नेताओं को जवान दे रहे सच्ची श्रद्धांजलि", डिप्टी सीएम के बया... बड़ी पहल: सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए लगी प्रदर्शनी, 'उन्नति की ओर एक पहल' में उमड़ी भ... इटारसी में हिट एंड रन: 8 साल की बच्ची को टक्कर मारकर भागी तेज रफ्तार कार, अस्पताल में जिंदगी की जंग ... सुरों की महफिल: बैजू बावरा महोत्सव में गूंजा ध्रुपद संगीत, ऋत्विक सान्याल की जादुई प्रस्तुति ने मोह ... उज्जैन में बवाल: होटल में युवती के साथ पकड़ा गया युवक, लोगों ने की जमकर पिटाई, मोबाइल चेक किया तो उड़ ... हैरान करने वाली रिपोर्ट: जिस राज्य में 'आनंद विभाग' है, वहां हर दिन 42 लोग क्यों चुन रहे हैं मौत? जा... अजब-गजब चोरी: नीमच के 'लाडले' ने बाप की ही कार और ट्रैक्टर पर साफ किया हाथ, दोस्तों के साथ मिलकर रची... Cyber Fraud: एक छोटी सी गलती और बैंक अकाउंट साफ! ऑनलाइन बांसुरी मंगाना रिटायर्ड शिक्षक को पड़ा भारी,... लाखों में कमाई! 3 मास्टर्स डिग्री वाले युवक ने शहर छोड़ जंगल में शुरू की हाईटेक फार्मिंग, जानिए कैसे... MP विधानसभा में भारी हंगामा: कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार में तू-तू मैं-मैं, 'औकात' तक पहुंची बात...

राजस्थान की खौफनाक वारदात: भूरी बेगम मर्डर केस में 2 दोषियों को उम्रकैद, जानें क्या था पूरा मामला

3

यह कहानी है भूरी बेगम की, जिनकी 10 साल पहले राजस्थान के टोंक जिले में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. अब अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है. साल 2016 में हुए इस मर्डर केस ने हिलाकर रख दिया था.

यह मामला 26 जून 2016 का है. टोंक जिले के मालपुरा थाना क्षेत्र स्थित घाटी रेबारियों की बाड़ी निवासी सीताराम और रामनिवास उर्फ काल्यो को भूरी बेगम की हत्या का दोषी ठहराया गया. इस मामले में तीसरा आरोपी अम्बालाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. वहीं, भीलवाड़ा जिले के हनुमान नगर थाना क्षेत्र के टिगड़गढ़ निवासी प्रभुलाल पुत्र रामस्वरूप अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है.

एक आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

यह फैसला गुरुवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महावीर महावर ने सुनाया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ित को न्याय मिलना ही नहीं चाहिए, बल्कि न्याय होता हुआ दिखना भी जरूरत है. अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले का एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है.

इस वारदात की रिपोर्ट दूनी थाने में साकिर हुसैन ने दर्ज कराई थी. उसने पुलिस को बताया कि 26 जून 2016 को उसके चचेरे भाई ईद मोहम्मद का फोन आया कि उसकी मां भूरी बेगम रोज की तरह कुएं पर नहीं पहुंची हैं. जब साकिर उनके घर पहुंचा और आवाज लगाई तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. शक होने पर वह दीवार फांदकर घर में घुसा, जहां भूरी बेगम का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला.

लूट की नीयत से हत्या की गई थी

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महिला का गला काटकर हत्या की थी और उसके पैरों को टखनों के पास से काट दिया था. मृतका के पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे, जिससे लूट की नीयत से हत्या की गई थी. पुलिस ने कुछ ही दिनों बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अदालत में पेश किया.

अदालत में 20 गवाहों ने गवाही दी. बुधवार को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे गुरुवार को सुनाया गया. न्यायाधीश महावर ने अपने आदेश में कहा कि कानून का उद्देश्य समाज को सुरक्षित बनाना और अपराधियों में भय उत्पन्न करना है, ताकि वे भविष्य में ऐसे जघन्य अपराध करने से बचें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.