Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...

RSS न होता तो इतने हिंदू भी न बचते! धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान ने मचाई हलचल, जानें संघ को लेकर और क्या बोले बागेश्वर बाबा

31

​छतरपुर : ​छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाज को एकजुट रहने और संस्कारों को सहेजने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि हम अपनी संपत्ति और व्यापार को तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाकर रखते हैं, लेकिन उतना ही आवश्यक है कि हम संस्कार भी अपनी पीढ़ियों को सौंपें, ताकि समाज और संस्कृति सुरक्षित रह सके.

बागेश्वर महाराज ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि देश में आरएसएस न होता, तो आज जितने हिंदू बचे हैं, शायद उतने भी न होते. उन्होंने संगठन को समाज को जोड़ने वाली शक्ति बताया.

बड़ा मलहरा के स्टेडियम में आयोजित इस हिंदू सम्मेलन की शुरुआत परंपरागत विधि-विधान से भारत माता के पूजन के साथ हुई. मकर संक्रांति पर्व का उदाहरण देते हुए महाराज श्री ने कहा कि तिल अकेला रहता है तो उसका कोई अस्तित्व नहीं होता, लेकिन जब वह गुड़ के साथ मिल जाता है तो लड्डू बन जाता है. यही एकता की शक्ति है, जो समाज को मजबूत बनाती है.

उन्होंने कहा कि यदि समाज में एकता रहेगी तो कोई भी ताकत उसे परास्त नहीं कर पाएगी. पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि संस्कृति और संस्कारों की रक्षा के लिए जातियां रहें, लेकिन जातिवाद समाप्त होना चाहिए. उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि जहां ताकत होती है, वहां एकता की शक्ति अवश्य होती है. उन्होंने समाज से आपसी मतभेद भुलाकर संगठित रहने का आह्वान किया.

वेद परंपरा के लिए ऑनलाइन हवन की पहल

महाराज श्री ने बताया कि घर-घर वेद परंपरा का प्रसार हो, इसी उद्देश्य से वे ऑनलाइन श्री हनुमान चालीसा हवन करा रहे हैं. हर माह होने वाले इन ऑनलाइन हवनों से लाखों लोग एक साथ जुड़कर हवन कर रहे हैं, जिससे सनातन परंपराओं का व्यापक प्रसार हो रहा है.

सम्मेलन के दौरान उन्होंने पारिवारिक जीवन को सुदृढ़ बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण बातों पर जोर दिया—पूरा परिवार एक साथ बैठकर भोजन करे, एक साथ पूजा करे और आपस में बैठकर संवाद करे. इससे परिवार के सदस्य अपने सुख-दुख साझा कर पाते हैं, आपसी संकोच दूर होता है और बहन-बेटियों व बच्चों में नैतिकता का भाव विकसित होता है.

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रांत प्रचारक जसूदा सुमन, सहायक क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर जी, सह प्रांत प्रचारक श्रवण जी, विभाग प्रचारक शिवेंद्र जी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे. सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह ने महाराज श्री के विचारों का स्वागत करते हुए समाज में एकता और संस्कारों को मजबूत करने का संकल्प लिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.