Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने जताई चिंता, पूछा-कानून लागू रहने के बाद भी क्यों आदिवासी असुरक्षित

5

देवघर: पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन साहिबगंज जाने के दौरान देवघर के बगदहा में रुके. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य में विकास का पहिया थमा हुआ है. राज्य की सरकार विकास को लेकर कहीं से भी सजग नहीं दिख रही है. पूर्व सीएम ने कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ अपने विकास पर विचार कर रही है, जनता के विकास को लेकर उनके पास कोई ढांचा नहीं है.

पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा आज जिस तरह से संथाल में घुसपैठियों की संख्या बढ़ रही है, वो यहां के स्थानीय और मूलवासियों के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि एसआईआर का लाभ कहीं ना कहीं स्थानीय, मूलवासियों और आदिवासियों को मिलेगा. पूर्व सीएम ने कहा कि भारत की धरती सिर्फ भारतवासियों के लिए है, ना कि बाहर से आने वाले घुसपैठियों के लिए.

आदिवासियों की संपत्ति बचाने के लिए होगी सभा

पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासियों की संपत्ति को बचाने के लिए आगामी 30 जून 2026 को भोगनाडीह में एक सभा का आयोजन किया जाएगा. जिसमें लाखों की संख्या में भीड़ होगी. उस आयोजन से पहले पूरे राज्य के आदिवासियों के घर-घर जाकर उन्हें आमंत्रित किया जाएगा. ताकि राज्य का आदिवासी समाज अपने हक और अधिकार के बारे में जान सके.

पूर्व सीएम ने संथाल परगना से जुड़ी एसपीटी और छोटानागपुर के सीएनटी एक्ट में बरती जा रही अनियमिताओं पर भी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह कानून लागू होने के बावजूद आदिवासियों की जमीन धड़ल्ले से घट रही है. जो राज्य और राज्य में रहने वाले राज्यवासियों के लिए घोर चिंता का विषय है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.