चंडीगढ़ : हरियाणा के दिव्यांग कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता सरकारी कर्मचारियों को यात्रा भत्ते से वंचित नहीं किया जा सकता है। अदालत ने हरियाणा सरकार के उस नियम को असंवैधानिक करार दिया जिसमें 50 प्रतिशत दिव्यांगता की शर्त रखी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के तहत अब 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारी यात्रा भत्ते के पात्र होंगे।
हाईकोर्ट ने साफ कहा कि दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सरकार का कर्तव्य है कि वह समान अवसर सुनिश्चित करे, न कि भेदभाव। कोर्ट ने कहा कि दिव्यांग एक समान वर्ग है और 40 व 50 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्ति के बीच कोई तार्किक भेद नहीं किया जा सकता। राज्य ऐसा कोई नियम नहीं बना सकता जो केंद्रीय कानून के विपरीत हो। हरियाणा सरकार ने तर्क दिया था कि नियम बनाने का अधिकार राज्य को है और 50 प्रतिशत की शर्त उसी नीति का हिस्सा है। कोर्ट ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने दिव्यांगता की सीमा 40 प्रतिशत तय कर दी है तब राज्य सरकार उससे अधिक कठोर शर्त नहीं लगा सकती।
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