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जालंधर में अब इन प्रॉपर्टियों पर लगेगा कमर्शियल टैक्स, निर्देश जारी

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जालंधर: नगर निगम जालंधर की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा की रिकवरी संबंधी समीक्षा बैठक सहायक कमिश्नर-दो विक्रांत वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के सभी सुपरिंटेंडेंट और इंस्पेक्टर मौजूद रहे। बैठक दौरान विभाग की वर्तमान रिकवरी स्थिति की समीक्षा की गई तथा निर्धारित रेवेन्यू लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक इंस्पेक्टर के अधीन केवल एक-एक सेक्टर रहेगा, जबकि पहले एक इंस्पेक्टर के पास दो सेक्टर होते थे। अधिकारियों का मानना है कि इससे निगरानी और फील्ड-वर्क दोनों मजबूत होंगे और रिकवरी कार्य अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसके साथ ही नगर निगम सीमा के भीतर मौजूद ऐसी सभी रिहायशी प्रॉपर्टियों से, जिन्होंने अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया है, जल्द से जल्द वसूली तेज करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन प्रॉपर्टियों में छोटे स्तर पर दुकानों या अन्य गतिविधियों के रूप में कमर्शियल उपयोग किया जा रहा है, उनसे टैक्स की वसूली अब कमर्शियल दरों के अनुसार की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि कई स्थानों पर प्रॉपर्टियां घरेलू श्रेणी में दर्ज हैं, जबकि वहीं पर आंशिक रूप से व्यापारिक गतिविधियां चल रही हैं, इसलिए ऐसी प्रॉपर्टियों की पुनः जांच कर टैक्स निर्धारण किया जाएगा।

सहायक कमिश्नर ने सभी इंस्पेक्टरों को यह भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने सेक्टर में प्रतिदिन रिकवरी कैंप लगाएं और नियमित रूप से फील्ड में उपस्थित रहकर बकायेदारों से संपर्क साधें। बताया गया कि रोजाना करीब 20 कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को मौके पर ही टैक्स जमा कराने की सुविधा मिल सके।

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