Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Itarsi Leopard News: ऑर्डनेंस फैक्ट्री और केंद्रीय विद्यालय परिसर में तेंदुए की चहलकदमी से दहशत, वन ... Simhastha 2028 Preparations: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया सड़क और पुल निर्माण का निरीक्षण, जल्द मिल... Ujjain Collector Appeal: सड़क चौड़ीकरण के लिए सभी धर्म-समुदाय के लोग दे रहे हैं सहयोग, शांति व्यवस्थ... Chirag Paswan on Competitive Exams: परीक्षा रद्द होने पर विभाग उठाए अभ्यर्थियों का खर्च, प्रयागराज म... JDU Entry in UP Assembly Election 2027: बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ेगी जेडीयू, मंत्री निश... UP Sweets Use By Date Mandatory: उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर खाद्य विभाग सख्त, जानिए उत्तर प्रदे... Divyanshi Yadav Case KGMU: डेंगू इलाज में लापरवाही और छात्राओं से जबरन ड्यूटी कराने के आरोपों पर घिर... Actress Arrested in Thane Prostitution Case: महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस की रेड, कस्टमर से 25 हजार ... Hyderabad Cyber Fraud Case: हैदराबाद में डॉक्टर से 14.61 करोड़ की ऑनलाइन ठगी, फेसबुक पर दोस्ती कर फर... Kedarnath Route Landslide: चिरबासा के पास फंसे 1,500 तीर्थयात्रियों को SDRF और NDRF की टीमों ने सुरक...

राजधानी में पेड़ों पर नहीं चलेगी कुल्हाड़ी, NGT ने लगाई रोक, 8 जनवरी तक सांस ले सकेंगे पेड़

22

भोपाल: राजधानी भोपाल में आसाराम तिराहा करोंद रोड से रत्नागिरी तिराहा अयोध्या बायपास तक करीब 16 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का चौड़ीकारण किया जाना है. एनएचएआई द्वारा बनाई जा रही इस सड़क के लिए करीब 8 से 12 हजार पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है. मंगलवार से इन पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन इसके अगले ही दिन एनजीटी ने पेड़ों की कटाई पर अलगी सुनवाई तक रोक लगा दी है. हालांकि एनजीटी के आदेश में कहा गया है कि सिर्फ पेड़ कटाई पर रोक लगाई गई है, लेकिन संबंधित एजेंसी सड़क निर्माण का कार्य जारी रख सकता है. इसके लिए पेड़ों के साथ छेड़-छाड़ न की जाए.

इसलिए लगाई गई पेड़ों की कटाई में रोक

भोपाल में 10 लेन सड़क के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के लिए एनजीटी में याचिका लगाने वाले नितिन सक्सेना ने बताया कि “भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई तो शुरू कर दी गई, लेकिन इसके लिए तय मानकों का पालन नहीं किया गया. शहर में इसके पहले भी बीआरटीएस, स्मार्ट सिटी, कोलार सिक्सलेन और मेट्रो समेत अन्य प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ों की बलि चढ़ चुकी है. संबंधित निर्माण एजेंसियों ने भी पेड़ कटने के बाद उसकी भरपाई के लिए पौधरोपण का दावा किया था, लेकिन हकीकत सबके सामने है.”

8 जनवरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक

याचिकाकर्ता के वकील हरप्रीत सिंह गुप्ता ने बताया कि “पूर्व में दिए गए एनजीटी के आदेश के अनुसार वृक्षों की कटाई की वैकल्पिक योजना पर विचार करने के लिए कोई केंद्रीय रूप से सशक्त समिति गठित नहीं की गई है, जिससे कम संख्या में वृक्षों की कटाई आवश्यक हो सके. न ही काटे गए वृक्षों की क्षतिपूर्ति और रोपित वृक्षों के 5 वर्ष तक जीवित रहने के लिए इस न्यायाधिकरण द्वारा निर्देशित विधि के अनुसार क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के संबंध में कोई निर्णय लिया गया है.

National Green Tribunal Bhopal

गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में एनजीटी के समक्ष याचिका प्रस्तुत की गई थी, जिसे स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई यानि 8 जनवरी 2026 तक के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई गई है.”

जस्टिस पुष्पा सत्यानारायणा की बेंच में हुई सुनवाई

एनजीटी में इस मामले की सुनवाई जस्टिस पुष्पा सत्यानारायणा और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ द्वारा की गई. इसमें कहा गया है कि चूंकि कमेटी की बैठक के मिनट्स अभी तक पेश नहीं किए गए हैं, इसलिए अगली सुनवाई तक परियोजना स्थल पर पेड़ों की कटाई पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी. हालांकि, एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि एनएचएआई पेड़ों को काटे बिना सड़क परियोजना का अन्य कार्य जारी रख सकता है. चूंकि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक के कार्यवृत्त का परिणाम हमारे समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, इसलिए हम निर्देश देते हैं कि अगली सुनवाई की तिथि तक संबंधित स्थल पर वृक्षों की कटाई नहीं की जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.