हजारीबाग: जिले के लगभग 67 हजार 300 छात्रों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसे देखते हुए छात्र अब आंदोलन की राह पर हैं. आजसू पार्टी ने हजारीबाग से भिक्षा आंदोलन की शुरुआत की है. छात्रों ने सड़क पर उतरकर अपने हक के लिए आवाज बुलंद करते हुए गांधी मैदान से समाहरणालय तक पैदल मार्च कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है.
71 हजार में 3700 छात्रों को ही मिली स्कॉलरशिप
राज्य के हजारों विद्यार्थियों को पिछले डेढ़ साल से स्कॉलरशिप नहीं मिल पाया है. खासकर ओबीसी वर्ग से आने वाले छात्र इससे अधिक प्रभावित है. हजारीबाग जिले की बात की जाए तो ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लगभग 71 हजार छात्रों ने ई-कल्याण स्कॉलरशिप के लिए आवेदन दिए थे. अब तक लगभग 3700 अभ्यर्थियों को ही स्कॉलरशिप की राशि मिल पाई है. मंगलवार को हजारीबाग के छात्रों ने आजसू के बैनर तले भिक्षा आंदोलन किया. जहां हजारों छात्र आंदोलन में शामिल हुए. छात्रों ने शहर के गांधी मैदान से निकलकर उपायुक्त को छात्रवृत्ति के लिए ज्ञापन सौंपा.
मंईयां योजना के लिए दूसरी कल्याणकारी योजना हो रहे हैं प्रभावित: आजसू नेता
आंदोलन में शामिल आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव संजय मेहता ने कहा कि राज्य भर में लंबित छात्रवृत्ति के लिए आजसू पार्टी राज्य स्तरीय इस आंदोलन चला रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा. संजय मेहता ने कहा कि राज्य सरकार छात्रवृत्ति के मामले में गोल मटोल बात कर रही है. लेकिन राज का वित्तीय प्रबंधन बेहद खराब है. मंईयां सम्मान योजना के कारण दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसा नहीं बच पा रहा है. संजय मेहता ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र पर पैसा नहीं देने का आरोप लगा रही है.
स्कॉलरशिप नहीं मिलने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
आजसू नेता ने कहा कि अब तक राज्य सरकार यूटिलिटी रिपोर्ट नहीं सौंप पाई है. जिस कारण से केंद्र से भी पैसा मिलने में देरी हो रही है. आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए. छात्रों ने कहा कि स्कॉलरशिप की राशि नहीं मिल पाने के कारण उन्हें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. कई ऐसे भी छात्र हैं, जिनको स्कॉलरशिप नहीं मिलने के कारण उनकी पढ़ाई छूट चुकी है.
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