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हनीट्रैप गिरोह की सरगना कंचन गिरफ्तार, आढ़ती से लूटे थे 3 लाख रुपए

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सिरसा : सिरसा में पुलिस ने हनीट्रैप मामले में मुख्य सरगने को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। बता दें कि सिरसा के धानमंडी के आढ़ती को हनीट्रैप में फंसाकर तीन लाख रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने पहले गिरोह की सदस्य सीमा उर्फ सिमरन को पकड़ा था उसके बाद मुख्य सरगना प्रेमनगर निवासी कंचन को भी काबू कर लिया है। आरोपिता अग्रिम जमानत करवाने की फिराक में थी, लेकिन पुलिस ने उसे उसी दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कंचन के दो दिन के रिमांड पर मंजूरी हासिल कर ली। रिमांड के दौरान अन्य लोगों व कई मामलों में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

जांच में पता लगा कि आरोपिता कंचन रानी का असली नाम वीरपाल है, जो मूल रूप से नेजाडेला कलां की रहने वाली है। वह तलाकशुदा और एक बच्चे की मां है। कंचन धनाढ्य लोगों को ब्लैकमेल कर धन ऐंठती थी।

मौसेरे भाई पर लगाया झूठा दुष्कर्म का केस, बाद हुआ समझौता 

बताया जा रहा है कि उसका शादी के दौरान बिचौलिया बने उसके मौसेरे भाई अशोक कुमार से रुपयों को लेकर झगड़ा हो गया। उसके बाद कंचन ने उसके खिलाफ थाने में दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज करवा दिया था। जबकि दोनों के बीच बाद में समझौता हो गया। पहले पति के खिलाफ की गई शिकायत के बाद कंचन की पहचान कुछ महिलाओं और पुलिसकर्मियों से हुई, जिसके बाद उसने संगठित गिरोह बनाकर हनीट्रैप के जरिए लोगों को फांसने का खेल शुरू कर दिया। इसी मामले में सदर थाना के एसआइ जगदीश चंद और नायब रीडर विजय भी आरोपित पाए गए थे। मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने पर दोनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई थी।

पुलिस गैंग के एक अन्य सदस्य रमन की गिरफ्तारी के प्रयास में लगातार छापेमारी कर रही है। आरोपित रमन ही गिरोह के लिए लड़कियों की सप्लाई करता था। आढ़ती को फंसाने के मामले में पंजाब निवासी युवती को भी रमन ने ही कंचन से मिलवाया था जो कि काम की तलाश में सिरसा आई थी। आरोपित रमन कंचन के पड़ोस में रहता था। यहीं उसकी पहचान कंचन से हुई थी। वहीं बीते दिन कंचन का भाई रोहताश भी पुलिस से मिला। उसने कई बड़े खुलासे किए। रोहताश के अनुसार कंचन के गिरोह में कई लड़कियां मिली हुई हैं।

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