Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bokaro News: बोकारो में युवक का संदिग्ध शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने शराब माफिया पर जताया शक झारखंड में गर्मी का दायरा बढ़ा, चाईबासा सबसे गर्म तो गुमला में सबसे ठंडी रात Hazaribagh News: हजारीबाग के बड़कागांव में बुजुर्ग दंपती की बेरहमी से हत्या, इलाके में दहशत Palamu News: पलामू में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा शुरू, आपराधिक इतिहास वाले लोगों पर गिरेगी गाज सऊदी अरब में भारतीय की मौत पर बवाल: परिजनों का आरोप- 'पावर ऑफ अटॉर्नी' पर नहीं किए साइन Hazaribagh News: हजारीबाग में हथिनी का आतंक, वन विभाग अब ट्रेंकुलाइज करने की कर रहा तैयारी Bilaspur News: बिलासपुर की पेंट फैक्ट्री में लगी भीषण आग, तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में मचा हड़कंप MCB News: अमृतधारा महोत्सव में छिड़ा सियासी संग्राम, जनप्रतिनिधियों और नेताओं में दिखी भारी नाराजगी Balod News: बालोद में कब्र से दफन बच्ची का सिर गायब, तंत्र-मंत्र की आशंका से इलाके में दहशत Baloda Bazar News: नाबालिग के कंधों पर अवैध शराब का धंधा, दो बड़ी पुलिस कार्रवाइयों में गिरोह बेनकाब

इस्लाम में शराब बैन, फिर भी इन मुस्लिम बहुल देशों में धड़ल्ले से बिकती है और पी जाती है, जानिए क्यों?

9

इस्लाम धर्म में शराब पीना हराम है. अल्लाह ने कुरान शरीफ में भी शराब न पीने का हुक्म दिया है. शराब की मनाही इसलिए की गई है क्योंकि इसे पीने के बाद इंसान अपना आपा और सूझबूझ खो देता है. हालांकि, दुनिया के कई मुस्लिम देशों जैसे यमन, सुडान समेत कई देशों में शराब पर बैन लगा हुआ है. लेकिन, कई मुस्लिम देश ऐसे भी हैं जहां बड़ी मात्रा में शराब बिकती है.

कई मुस्लिम देश जैसे सऊदी अरब, कुवैत में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. लेकिन, यूएई, बांग्लादेश और पाकिस्तान सेमत कई मुस्लिम देशों में मुस्लिम नागरिकों के लिए शराब का सेवन हराम है. लेकिन, गैर-मुस्लिम परमिट लेने के बाद शराब का सेवन कर सकते हैं.

किर्गिस्तान

मुस्लिम देशों में किर्गिस्तान में बड़ी संख्या में शराब का सेवन किया जाता है. factsanddetails की वेबसाइट के मुताबिक, किर्गिज लोग, मुस्लिम होने के बावजूद, काफी मात्रा में शराब पीने के लिए जाने जाते हैं. खासकर सर्दियों के दौरान सार्वजनिक रूप से नशे में दिखना वहां आम बात है. सबसे ज्यादा वहां वोडका पिया जाता है. उसके बाद बीयर, मीठी वाइन और मीठी शैम्पेन आती हैं. किर्गिज लोग बहुत वोडका पीते हैं और लगभग हर खुशी या उत्सव में इसका होना अनिवार्य माना जाता है.

यूएई

यूएई में बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं. इसी के चलते देश में गैर-मुसलमानों के लिए शराब पर प्रतिबंध को रिलेक्स किया गया है. UAE में मुस्लिम नागरिकों के लिए शराब का सेवन करना हराम है, लेकिन गैर-मुस्लिम निवासियों और टूरिस्ट के लिए नियंत्रित तरीके से शराब उपलब्ध की जाती है.

यूएई में लाइसेंस प्राप्त रेस्ट्रोरेंट, होटलों या अन्य उचित स्थानों पर शराब की बिक्री की अनुमति है. गैर-मुस्लिम व्यक्ति निजी निवास, होटल या बार में शराब पी सकते हैं. लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन या नशे की हालत में दिखना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाता.

विदेशी पर्यटकों को अपने निजी उपयोग के लिए सीमित मात्रा में शराब देश में लाने की अनुमति होती है. world population review के मुताबिक, साल 2022 में देश में प्रति वर्ष 0.8 लीटर शराब पी गई.

पाकिस्तान

पाकिस्तान में आजादी के बाद पहले लगभग तीन दशक तक शराब की बिक्री और सेवन की अनुमति थी. लेकिन ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो के शासनकाल में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया और 1977 में उनके पद से हटने के बाद भी यह पाबंदी जारी रही.

worldatlas के मुताबिक, वर्तमान में देश में मुस्लिम समुदाय को शराब बनाना, बेचना या पीना पूरी तरह प्रतिबंधित है. हालांकि, गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को शराब का परमिट लेने की अनुमति है. ये परमिट अक्सर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के आधार पर जारी किए जाते हैं. आम तौर पर गैर-मुस्लिमों को महीने में लगभग 5 बोतल शराब और 100 बोतल बीयर रखने की अनुमति दी जाती है. World Population Review के मुताबिक, साल 2022 में प्रति वर्ष 0.1 लीटर शराब पी गई.

कजाखस्तान

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 2020 के आंकड़ों के मुताबिक, शराब का सबसे ज्यादा सेवन कजाखस्तान में होता है. इसके बाद किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान इन देशों के बाद आते हैं.

कजाखस्तान: साल 2010 में प्रति व्यक्ति शराब सेवन 9.3 लीटर था, जो 2016 में घटकर 7.7 लीटर हो गया. साल 2022 में यह 5.4 लीटर था.

किर्गिस्तान:यहां भी कमी देखने को मिली है. 2010 में प्रति व्यक्ति 10.2 लीटर शराब का सेवन होता था, जो 2016 में घटकर 6.2 लीटर रह गया. 2022 में यह 3.9 लीटर है.

उज़्बेकिस्तान: 2010 में 3.2 लीटर प्रति व्यक्ति के मुकाबले 2016 में शराब सेवन घटकर 2.7 लीटर रह गया. 2022 में यह 2.1 लीटर रह गया.

तुर्कमेनिस्तान:यहां 2010 में प्रति व्यक्ति 6 लीटर सेवन था, जो 2016 में घटकर 5.4 लीटर हो गया. 2022 में 3.0 लीटर रहा.

ताजिकिस्तान: यहां 2010 में 2.4 लीटर प्रति व्यक्ति के मुकाबले शराब सेवन 2016 में बढ़कर 3.3 लीटर हो गया. वहीं, 2022 में 0.7 लीटर रहा.

मॉरिटानिया

पश्चिमी उत्तर अफ्रीका में स्थित इस्लामिक गणराज्य मॉरिटानिया में मुसलमानों के लिए शराब रखना, पीना, बेचना या बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. हालांकि, गैर-मुसलमानों को अपने घरों में या उन होटलों और रेस्तरां में शराब पीने की अनुमति है, जहां शराब बेचने का वैध परमिट मौजूद होता है.

मिस्र

मिस्र में शराब पीना कानूनी है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर यह प्रतिबंधित है और रमजान के दौरान मुसलमानों के लिए शराब की बिक्री रोक दी जाती है. शराब होटलों, बारों और अनुमोदित पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध होती है और कुछ रेस्टोरेंट भी इसे सर्व करते हैं. सड़कों पर या गाड़ी में बैठकर शराब पीना गैरकानूनी है और इसके लिए जुर्माना भी लगाया जा सकता है. world population review की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में देश में प्रति वर्ष 0.1 लीटर शराब का सेवन किया गया.

बांग्लादेश

बांग्लादेश में भी मुसलमानों के लिए शराब पीने पर कड़े नियम हैं. गैर-मुसलमान ही परमिट के साथ शराब खरीद सकते हैं और उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए. देश में सिर्फ एक ही शराब बनाने वाली कंपनी है—केरू.

पाबंदियों के बावजूद 202425 में केरू ने अपनी स्थापना (ब्रिटिश काल) से अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा कमाया—लगभग 10 मिलियन डॉलर (84 करोड़ रुपये).

यह बिक्री मुख्य रूप से देश में काम करने वाले विदेशी नागरिकों और चाय बागानों में काम करने वाले लगभग डेढ़ लाख हिंदू मजदूरों के कारण बढ़ी है. बांग्लादेश की आबादी का लगभग 10% गैर-मुस्लिम है और यही लोग प्रमुख उपभोक्ता हैं.

कंपनी के अनुसार, उनकी शराब सिर्फ पहले से पीने वालों को ही बेची जाती है, मार्केटिंग नहीं की जाती। उनके लोकप्रिय ब्रांडों में इम्पीरियल व्हिस्की और त्सारीना वोडका शामिल हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.