शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी ज़िले की बदरवास तहसील के बरखेड़ा गांव में 60 वर्षीय महिला सूरजी बाई जाटव ने अद्भुत साहस दिखाकर अपनी जान बचाई। खेत में मवेशियों के लिए चारा काट रही बुजुर्ग पर अचानक एक सियार टूट पड़ा। लेकिन महिला ने हार नहीं मानी और आधे घंटे तक संघर्ष करती रहीं। आखिरकार उन्होंने अपनी साड़ी को हथियार बनाकर सियार की जान ले ली।
सियार से भिड़ी बुजुर्ग महिला
घटना के वक्त सूरजी बाई खेत में अकेली थीं। अचानक झाड़ियों से निकलकर सियार ने हमला कर दिया। उसने महिला को कई जगह काटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया। दर्द और खून बहने के बावजूद बुजुर्ग ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी साड़ी से फंदा बनाकर सियार का गला दबोच दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूरजी बाई की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग खेत की ओर दौड़े। उन्होंने घायल महिला को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को शरीर पर 18 जगह गहरे घाव हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
रोज़ का काम बना जानलेवा
सूरजी बाई ने बताया कि वे रोज़ की तरह उस दिन भी पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर गई थीं। अचानक हुए हमले से पहले तो उन्हें लगा कि अब जान नहीं बचेगी, लेकिन फिर उन्होंने तय किया कि आखिरी दम तक लड़ना है। इसी जज़्बे ने उनकी ज़िंदगी बचाई और सियार का खेल खत्म कर दिया।
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