आज से ठीक चार दिन पहले 7 जून को कांग्रेस नेता सचिन पायलट पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर पहुंचे थे. सचिन उन्हें अपने पिता राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि पर होने वाली श्रद्धांजलि सभा का निमंत्रण देने गए थे. सचिन और गहलोत के बीच बंद कमरे में करीब दो घंटे चर्चा भी हुई थी. इस मुलाकात के बाद से सियासी गलियारों में चर्चा तेज हुई कि कांग्रेस के ये दो गुट अपने गिले-शिकवे भुलाकर एक साथ आ रहे हैं. अब आज 11 जून को अशोक गहलोत श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे भी.
अशोक गहलोत के श्रद्धांजलि सभा में पहुंचने के बाद कहा जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अभी से बड़ी कवायद शुरू कर दी है. कांग्रेस दोनों नेताओं को गुटबाजी भुलाकर एकजुट करने की कोशिश में है. अभी तक के घटनाक्रम को देखें तो उसे इसमें सफलता भी मिलती दिख रही है. ऐसा इसलिए है कि सचिन का गहलोत के आवास पर जाकर निमंत्रण देना, फिर गहलोत का सभा में पहुंचना, ये सब सामान्य सियासी शिष्टाचार से कहीं ज्यादा है.
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