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जालंधर: अवैध निर्माण और नाजायज कॉलोनियों के खिलाफ विजीलैंस टीम ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। हाल ही में जालंधर के ए.टी.पी. सुखदेव वशिष्ठ की गिरफ्तारी के बाद विजीलैंस ने उन इलाकों में जांच शुरू की है, जहां अवैध बिल्डिंग और कॉलोनियों पर कार्रवाई हुई थी या जिन्हें केवल नोटिस जारी कर दोबारा निर्माण शुरू करवाया गया था। विजीलैंस की एक टीम ने शनिवार को बस्ती शेख में श्मशानघाट के साथ बनी नाजायज कॉलोनी में पहुंचकर गहन जांच की। इस कॉलोनी में सील की गई कोठियों और पूरी तरह तैयार हो चुकी नाजायज इमारतों की जांच की गई।

विजीलैंस ने मकान बनाने वालों की सूची तैयार की और उन डीलरों की जानकारी जुटाई, जिनके द्वारा ये अवैध कोठियां बनाई गईं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इन निर्माणों को किसकी शह पर और कैसे अंजाम दिया गया। विजीलैंस ने नगर निगम द्वारा तोड़ी गई तीन नाजायज दुकानों की भी जांच की, जो एक पेंट फैक्टरी मालिक की थीं। इन दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर’ने के बाद दोबारा निर्माण शुरू होने की शिकायत थी। विजिलेंस इस बात की तहकीकात कर रही है कि इनका पुनर्निर्माण किसके इशारे पर और कैसे हुआ। इस जांच से स्पष्ट हो गया है कि यह कॉलोनी अब विजीलैंस की रडार पर है।

सूत्र बताते हैं कि रविवार को विजीलैंस की एक अन्य टीम लक्ष्मी सिनेमा से मंडी रोड की ओर जाने वाली सड़क पर गली के कॉर्नर पर स्थित एक बिल्डिंग की जांच के लिए पहुंची। यह टीम करीब तीन घंटे तक मौके पर मौजूद रही और बिल्डिंग की पैमाइश की। इस बिल्डिंग से संबंधित फाइल नगर निगम के पास थी, जो अब विजीलैंस के कब्जे में है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नीवीं चक्की और पुरानी देस डेयरी के आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय में कई अवैध बिल्डिंग बनाई गई हैं, जिन पर नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। विजिलेंस ने इन क्षेत्रों में भी अपनी नजरें गड़ा दी हैं।

नोटिस वाली और सील बिल्डिंगों की सूची तैयार
कहा जाता है कि विजीलैंस ने उन सभी बिल्डिंगों की सूची तैयार कर ली है, जिन्हें सुखदेव वशिष्ठ की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। अब यह जांच की जा रही है कि इन नोटिसों के आधार पर क्या कार्रवाई हुई और सील की गई बिल्डिंगों का क्या हुआ। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस जल्द ही सील और डिमोलिश की गई बिल्डिंगों की एक विस्तृत सूची भी तैयार कर रही है। पता चला है कि विजिलेंस की इस जांच में बिल्डिंग विभाग के कुछ और कर्मचारी और अधिकारी भी फंस सकते हैं। अवैध निर्माणों को अनदेखा करने और नियमों की अनदेखी करने के आरोपों की गहन जांच की जा रही है। जालंधर में अवैध बिल्डिंग और नाजायज कॉलोनियों के खिलाफ विजीलैंस की यह कार्रवाई शहर में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस जांच के और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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