ऑपरेशन सिंदूर आधारित एक प्रेस ब्रीफिंग में एयर मार्शल ए के भारती को इलेक्ट्रॉनिक मिडिया के कई नेशनल चैनलों पर देखकर 255 साल पुराने पूर्णिया प्रमंडल सहित बिहार के करोड़ों लोग खुशियों से ओत-प्रोत हो उठे. पूर्णिया के गौरव एयर मार्शल भारती, डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल एस एस शर्मा और वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों का जवाब सराहनीय, प्रशंसनीय और मूल्यवान तरीकों से दिया.
एयर मार्शल ए के भारती पूर्णिया के रहने वाले हैं और पूर्णिया प्रमंडल समेत बिहार को गौरवान्वित करते हैं. पूर्णिया प्रमंडल वासियों को उन पर बहुत गर्व है. पूर्णिया एयरपोर्ट योजना के सूत्रधार, पूर्णिया प्रमंडल के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रहने वाले पूर्णिया निवासी और इंडियन एयर फोर्स के रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन विश्वजीत कुमार से एयर मार्शल ए के भारती का संबंध हमेशा अच्छा रहा है.
कौन हैं एयर मार्शल ए के भारती?
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत चल रहे हवाई अभियानों की निगरानी एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती, महानिदेशक वायु संचालन (डीजीएओ) कर रहे हैं, जो बिहार के अधिकारी हैं. एयर मार्शल भारती पूर्णिया के झुन्नी कलां गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता जीवछलाल यादव कोशी परियोजना के सेवानिवृत्त लेखाकार हैं और उनकी माता उर्मिला देवी का घर श्रीनगर हाता, पूर्णिया में है.
“स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित
एयर मार्शल भारती के दो भाई हैं, जो पूर्णिया में काम करते हैं. एयर मार्शल भारती ने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल तिलैया से हासिल की, जहां से वे एनडीए, पुणे गए और जून 1987 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए. एयर मार्शल भारती का पेशेवर इतिहास बहुत ही शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने हमेशा पहला स्थान हासिल किया और उन्हें “स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित किया गया था.
महाकुंभ का पर्यवेक्षण भी किया
उन्होंने वेलिंगटन में प्रतिष्ठित स्टाफ फोर्स और नई दिल्ली में एनडीसी भी किया. एयर मार्शल भारती ने एक फ्रंटलाइन फाइटर बेस की कमान संभाली और भारत के भीतर और बाहर कई अहम कार्यभार संभाले. वायु सेना मुख्यालय में डीजीएओ का पदभार संभालने से पहले वह प्रयागराज में सेंट्रल एयर कमांड में सीनियर स्टाफ ऑफिसर (एसएएसओ) के पद पर तैनात थे, जहां उन्होंने हाल ही में आयोजित महाकुंभ का पर्यवेक्षण भी किया था.
हवाई ऑपरेशन के आर्किटेक्ट
वर्तमान में चल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हवाई ऑपरेशन के आर्किटेक्ट के रूप में उन्होंने योजना बनाने, समन्वय करने और पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतरी इलाकों में मिशनों की योजना बनाने और उन्हें इम्प्लिमेंट करने, जिसमें उनकी सामरिक संपत्तियां भी शामिल हैं. उन्होंने न सिर्फ उन्हें तत्काल युद्ध विराम का अनुरोध करने के लिए मजबूर किया, बल्कि इससे पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों के मन में लंबे समय तक एक स्थायी भय भी बना रहने की संभावना है. एयर मार्शल ए के भारती हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुसार वायु सेना की योजना बनाने के मुख्य आर्किटेक्ट रहे हैं.
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