Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
परिसीमन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र: सर्वदलीय बैठक की मांग दोहराई नेपाल के हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्र में प्रलयंकारी बाढ़: 300 से अधिक भारतीय लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जा... ₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही...

पित्त की थैली में पथरी हैं तो सावधान! होश उड़ा देने वाली खबर आई सामने

36

चंडीगढ़ः पित्त की थैली में पथरी है तो सावधान हो जाएं। यह भविष्य में कैंसर का करण बन सकता है। पी.जी.आई. गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की हैड प्रो.ऊषा दत्ता का कहना है कि उत्तर भारत में गॉलब्लैडर (पित्त की थैली) कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह पथरी है।

इसे देख पी.जी.आई. अब देश में पहली बार पित्त की थैली की पथरी से जुड़े कैंसर की रोकथाम के लिए नैशनल गाइडलाइंस बना रहा है। यह इंडियन काऊंसिल ऑफ मैडिकल रिसर्च द्वारा फंडेड और एथिकल कमेटी से स्वीकृत प्रोजैक्ट है। इस प्रोजैक्टर में देश के 13 बड़े मैडिकल संस्थानों को शामिल किया गया है, जिसका मुख्य केंद्र पी.जी.आई. है। प्रो.दत्ता बताती हैं कि भारत अब गॉलब्लैडर कैंसर की राजधानी बनता जा रहा है। खासकर उत्तर  व पूर्वोतर भारत में समस्या गंभीर है। कई लोग वर्षों तक नहीं जान पाते कि पित्त की थैली में पथरी है। कई डॉक्टर भी समय रहते पता नहीं लगा पाते हैं।

यह सावधानी बरतें

  • 40 साल से अधिक उम्र के लोग
  • मोटापा और धूम्रपान करने वाले।
  • महिलाओं में यह ज्यादा पाया जाता है।
  • जिनके परिवार में पहले से किसी को यह समस्या रही हो।
  • बार-बार पेट के संक्रमण होने वाले लोग
  • पेट दर्द है तो तुरंत अल्ट्रासाउंड कराएं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.