Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

गाजीपुर में मछुआरों को दिखा डॉल्फिन का बच्चा, पास गए तो पता चला कि टूट चुकी है सांस; आखिर कैसे हुई मौत?

22

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा और गोमती नदी का संगम है. यहां खानपुर में नदी तट के पास डॉल्फिन मछली का एक मृत बच्चा मछुआरों को बहता हुआ दिखा. मछुआरे तत्काल उसे नदी से बाहर निकालकर लाए. इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई, लेकिन जब तक अधिकारी पहुंचते, तब तक मछुआरों ने डाल्फिन के बच्चे के शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया. इसका एक वीडियो भी सामने आया है.

खानपुर थाना के पटना गांव के पास गंगा घाट है, जिसके आस-पास काफी संख्या में डाल्फिन पाई जाती हैं. यहां का शांत वातावरण डॉल्फिन को बहुत पसंद है. इस जगह को डॉल्फिन संरक्षण केंद्र बनाने के लिए कवायद जारी है. इसके लिए वन विभाग की टीम सहित देहरादून के जलीय वन्य संरक्षण समिति भी कई बार दौरा कर चुकी है.

वन विभाग के अधिकारियों को दी गई सूचना

डॉल्फिन के बच्चे के शव मिलने की सूचना गंगा मित्रों ने वन विभाग के अधिकारियों को दी. लेकिन स्थानीय अधिकारी कई घंटे के बाद उस जगह पर पहुंचे, तब तक गंगा मित्रों की ओर से शिशु डॉल्फिन को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया. गंगा मित्रों का कहना है कि अगर डॉल्फिन का पोस्टमार्टम हो जाता तो यह पता चल पाता कि उसकी मौत का कारण क्या है. आशंका जताई जा रही है कि डाल्फिन के बच्चे की मौत संभवत: किसी बीमारी से हुई है.

वन विभाग के अधिकारी बोले

मछुआरों का कहना है कि इसके पहले भी एक डॉल्फिन के शव को कुत्तों और जानवरों ने नष्ट कर दिया था. डॉल्फिन संरक्षण केंद्र न बनाये जाने व मृत डॉल्फिन का पोस्टमार्टम न हो पाने से पशुप्रेमियों में नाराजगी है. वन विभाग के प्रभारी अधिकारी विवेक कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें मिली थी. उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा जो करीब 9:00 बजे के आसपास पहुंचे थे. तब तक गंगा मित्र और स्थानीय मछुआरों की ओर से मृत डॉल्फिन को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया था.

करीब डेढ़ साल पहले गंगा नदी में खरौना से लेकर औड़िहार स्थित वाराहधाम तक अधिकारियों ने गहन निरीक्षण कर पटना गांव के पास गंगा नदी में डॉल्फिन केंद्र बनाने की बात कही थी. आधा दर्जन गंगा प्रहरियों के साथ वाराणसी के वन संरक्षक अधिकारी डॉ रवि कुमार और प्रभागीय निदेशक कुमारी स्वाति ने गंगा गोमती के संगम से औड़िहार तक नौकायन करके कुल 10 किलोमीटर की दूरी गंगा नदी में तय की और उतने क्षेत्र में निरीक्षण किया था. गाजीपुर के प्रभागीय निदेशक विवेक यादव ने बताया कि उक्त स्थान बाढ़ प्रभावित एरिया में शुमार है जिसके कारण यहां पर डॉल्फिन केंद्र बनाने में दिक्कतें आएंगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.