Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पंचकूला में पहली गुरु रविदास ट्रॉफी नॉर्थ जोन गर्ल्स वॉलीबॉल 18 अगस्त से: मंत्री विपुल गोयल करेंगे उ... हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ी: 17 मांगों को लेकर सरकार से वार्ता व... मलोट स्टार सिटी फायरिंग मामला: गुरुग्राम से 2 शार्प शूटर गिरफ्तार, ऑस्ट्रेलिया से रची गई थी फिरौती क... नूरपुरबेदी में पतंग उड़ाते समय 12 वर्षीय बच्चा हाईटेंशन तारों की चपेट में आया, गंभीर हालत में PGI रे... गुरदासपुर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 17 अगस्त को छुट्टी घोषित, DC आदित्य उप्पल ने जारी कि... होशियारपुर के मुकेरियां में सनसनीखेज वारदात, आर्मी जवान पर लगा पत्नी की हत्या का आरोप : पंजाब राजभवन में 'एट होम' समारोह का आयोजन: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ CM भगवंत मान और CM ना... सुल्तानपुर लोधी में बड़ा हादसा टला: राइस मिल में 25 फीट गहरे कुएं में गिरे 3 मजदूर, प्रशासन ने सुरक्... मोहाली में विदेशी युवती से गैंगरेप और हैवानियत: गर्म मोम डाला, जबरन कराया देह व्यापार; आरोपी काबू जालंधर के अलास्का चौक पर दर्दनाक हादसा: करतार बस ने डिलीवरी बॉय को कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम

‘बीजेपी के डर से वायनाड में कांग्रेस ने नहीं लगाए झंडे’, माकपा ने राहुल गांधी को घेरा

47

 केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वायनाड में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डर से अपने और अपने प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के झंडे नहीं लगाये थे। केरल में मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए माकपा की राज्य इकाई के सचिव एम.वी. गोविंदन ने कहा कि यद्यपि कांग्रेस दावा कर रही है कि उसकी लड़ाई भाजपा से है, लेकिन उसके दो राष्ट्रीय नेता- राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल, दक्षिणी राज्य से चुनाव मैदान में हैं, जहां भाजपा की कोई भूमिका नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की हिम्मत नहीं हुई कि वायनाड में रैली और चुनाव प्रचार के दौरान वह अपनी और अपनी सहयोगी आईयूएमएल के झंडे लगा सके, क्योंकि वे भाजपा से डर गये हैं। माकपा नेता ने कहा कि यह देखना वास्तव में दिलचस्प है कि कांग्रेस ने वायनाड में अपने प्रचार अभियान के दौरान पार्टी के झंडे तक नहीं लगाये हैं। गोविंदन ने 2019 में वायनाड में राहुल के प्रचार अभियान के दौरान के घटनाक्रम को याद किया, जब भाजपा ने आईयूएमएल के झंडों का हवाला देते हुए कहा था कि प्रचार के दौरान कांग्रेस के साथ पाकिस्तान के झंडे भी लगाये गये थे।

उन्होंने संवाददाताओं को यहां बताया, ”लेकिन कांग्रेस में यह कहने की भी हिम्मत नहीं थी कि वे पाकिस्तानी झंडे नहीं, बल्कि उनकी मुख्य सहयोगी आईयूएमएल के झंडे थे। कांग्रेस यह बताने को भी तैयार नहीं है कि बिना आईयूएमएल के समर्थन के वे वायनाड लोकसभा सीट जीत नहीं सकते।” वाम नेता ने आरोप लगाया कि इस बार भाजपा के प्रचार अभियान के डर से उन्होंने (कांग्रेस) न तो अपने झंडे लगाये और न ही आईयूएमएल के।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.