Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bareilly Road Accident: बरेली में भीषण सड़क हादसा, अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, मास... Ludhiana NRI News: लुधियाना पहुंची कैनेडा की NRI महिला के उड़े होश, जानें क्या है पूरा मामला जिसने स... Ludhiana Crime News: लुधियाना में पुरानी रंजिश में खूनी खेल, बदमाशों ने युवक पर की अंधाधुंध फायरिंग,... Immigration Fraud: अमेरिका भेजने के नाम पर कबूतरबाजों का बड़ा फर्जीवाड़ा, भोले-भाले लोगों से ठगे लाखो... Traffic Alert: मुख्य चौराहे पर सुखाया जा रहा अनाज, यातायात प्रभावित, क्या सोया है नगर निगम? Punjab Weather News: गुरदासपुर में कोहरे की चादर और ठंड की वापसी, कृषि विशेषज्ञों (Experts) ने फसलों... Farmers Protest Chandigarh: सीएम मान की रिहायश के बाहर किसानों का हल्लाबोल, पंजाब सरकार को दी बड़ी च... Police Deaths: चेक पोस्ट के अंदर दो पुलिसकर्मियों की गोली लगने से संदिग्ध मौत, इलाके में भारी पुलिस ... Road Accident: तेज रफ्तार कार ने दंपति को मारी जोरदार टक्कर, दोनों की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती Gold Silver Price Today: सोना हुआ महंगा, चांदी अब भी रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे, जानें 10 ग्राम गोल्ड ...

बिजली मंत्री ने मुफ्त बिजली देने के लिए कर्ज लेने वाले राज्यों को किया सचेत

27

नेशनल डेस्क  : बिजली मंत्री आर के सिंह ने मुफ्त बिजली देने के लिए उधार लेने वाले पंजाब जैसे राज्यों को कर्ज के जाल में फंसने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी लोकलुभावन योजनाएं तभी ठीक हैं, जब किसी राज्य के पास पर्याप्त धन हो। उन्होंने कहा कि किसी भी दूसरी चीज की तरह बिजली उत्पादन की लागत होती है, और अगर कोई राज्य इसे उपभोक्ताओं के एक वर्ग को मुफ्त में देता है, तो यह भी सोचना चाहिए कि उत्पादन संयंत्र को भुगतान भी करना होगा। अगर उत्पादन संयंत्र को भुगतान नहीं किया गया, तो बिजली उत्पादन नहीं होगा।

सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा कि वह राज्यों से कहते रहे हैं कि बिजली मुफ्त नहीं है। उन्होंने कहा, ”अगर कोई राज्य किसी भी श्रेणी के लोगों को मुफ्त बिजली देना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन उन्हें इसके लिए भुगतान करना होगा।” उन्होंने कहा कि जिन राज्यों पर पहले ही बहुत कर्ज है, वह भी ऐसे लोकलुभावन उपायों का सहारा ले रहे हैं, और उन्हें बिजली संयंत्रों को भुगतान करने के लिए अधिक कर्ज लेना पड़ रहा है। इसके चलते वे ऋण के जाल में फंस गए हैं। ऐसा करने वाले राज्यों के नाम पूछने पर उन्होंने पंजाब का नाम लिया।

उन्होंने कहा कि पंजाब में आप सरकार ने पहले दो वर्षों में 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जिससे राज्य पर कर्ज का बोझ और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि अगर हालात को संभाला नहीं गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क, अस्पताल और स्कूल बनाने के लिए धन नहीं होगा, क्योंकि जो भी राजस्व आएगा वह ऋण चुकाने में चला जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.