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मकर संक्रांति पर 8 घंटे का रहेगा पुण्यकाल, जानिए क्यों इस पर्व पर तिल-गुड़ का लगता है भोग

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इंदौर। मकर संक्रांति पर स्नान और दान के लिए समय मिल सकेगा। संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को सुबह 9.24 बजे से शाम 5.24 बजे तक रहेगा। यह त्योहार सूर्य आराधना, पवित्र नदियों में स्नान, तिल गुड़ और दान का है। ऐसा करने से पुण्य मिलता है।

मकर संक्रांति 2024 ब्रह्म मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति पर ब्रह्म मुहूर्त से स्नान-दान शुरू हो जाता है। जो जातक ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करना चाहते हैं। उनके लिए श्रेष्ठ समय सुबह 5.27 बजे से 6.21 बजे तक रहेगा। इस दिन वरीयान और रवि योग रात्रि 11 बजे तक रहेगा।

तिल और गुड़ का लगता है भोग

मकर संक्रांति पर गुड़ और तिल से बने लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। ये दोनों स्वास्थ्यवर्धक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य का गुड़ और शनि का तिल पर अधिपत्य है।

सूर्य अपने पुत्र की राशि में प्रवेश करेंगे

सूर्य अपने बेटे शनि की मकर राशि में विराजमान होंगे। दो माह भास्कर पुत्र के अधिपत्य वाली राशि में रहेंगे। मकर के बाद सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश होगा। इस राशि पर भी कर्मफलदाता का स्वामित्व है। मकर राशि उत्तराषाढ़ा के तीन पद से मिलकर बनेगी। सूर्य देव प्रभावशाली रहेंगे।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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