Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on US Tariff Ruling: टैरिफ पर अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी का पीएम मोदी पर... Assam Demography Change: अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला: धुबरी और नागांव में बदली डेमोग्राफी, पूछा... गजब का धोखा! इंदौर के वकील साहब जिसे 'साला' समझकर घर लाए, वो निकला पत्नी का बॉयफ्रेंड; ऐसे खुला चौंक... IAS अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें! दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के अफसर को किया तलब, गुरुओं के अपमान के आरोपो... PM मोदी की मेरठ यात्रा से पहले बड़ी साजिश? बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने का आरोप, विधायक ने जता... Rajasthan Cyber Cell Alert: ऑनलाइन गेम के जरिए आतंकी भर्ती का खुलासा; राजस्थान साइबर सेल की माता-पित... श्रीनगर में सेना की गाड़ी के साथ बड़ा हादसा! अनियंत्रित होकर नहर में गिरा CRPF का बुलेटप्रूफ वाहन, 9... सियासी घमासान: अर्धनग्न प्रदर्शन पर CM रेखा के बिगड़े बोल! कांग्रेस ने याद दिलाया गांधी का त्याग, सि... Janakpuri Road Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में सड़क हादसे में बच्ची की मौत, समय पर मदद न मिलने ...

Hit And Run कानून पर अब कर्नाटक में हल्ला-बोल, 17 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे ट्रक मालिक

31

बेंगलुरू। केंद्र सरकार ‘हिट एंड रन’ कानून (Hit and Run Law) कानून लेकर आई थी। उसके बाद से ही इसके खिलाफ ड्राइवर्स ने विरोध प्रदर्शन शूरू कर दिया। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा में प्रदर्शन के बाद कर्नाटक में भी प्रदर्शन होने वाला है। फेडरेशन ऑफ कर्नाटक ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सी. नवीन रेड्डी ने बताया कि हमने इस कानून पर बैठक की। सभी सदस्यों ने 17 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला किया है।

कानून से इस प्रावधान को हटाने की मांग

रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कहा कि दूसरे देशों में हिट एंड रन कानून में ड्राइवर से कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसका लाइसेंस जब्त कर लिया जाता है। हमारी मांग है केंद्र सरकार से कि कानून से 10 साल की जेल व भारी भरकम जुर्माने के प्रावधान को हटा दें।

इस कारण ड्राइवर हैं चिंतित

नवीन रेड्डी ने कहा कि नए कानून में सरकार ने 10 साल की सजा का प्रावधान कर दिया है। यही हमारे लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाला है। इसी प्रावधान की वजह से देश भर के ड्राइवर परेशान हैं। हमारा सरकार से यही अनुरोध है कि इस कानून में से ये प्रावधान हटा दिया जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.