Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

मध्य प्रदेश में दुर्घटनाओं के लिए सबसे खतरनाक जिला इंदौर, इसके बाद जबलपुर और भोपाल

72

भोपाल। सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से इस वर्ष के शुरुआती छह माह पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में ज्यादा खतरनाक साबित हुए। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआइ) की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष जनवरी-जून 2022 की तुलना में इसी अवधि में वर्ष 2023 में 490 सड़क दुर्घटनाएं अधिक हुईं।

इस तरह लगभग पौने दो प्रतिशत अधिक मामले सामने आए, पर जान गंवाने वाले साढ़े चार प्रतिशत अधिक थे। दतिया, आगर, सतना, भोपाल ग्रामीण और छतरपुर में सड़क दुर्घटनाएं 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ीं।

सतना में मृतकों की संख्या 41 प्रतिशत, आगर में आगर में 53, छतरपुर में 32, जबलपुर में 29 प्रतिशत अधिक हो गई। सरकार दुर्घटनाएं रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात करती रही, लेकिन घटनाएं कम होने की जगह यह बढ़ गईं।

कम होने की जगह बढ़ गए ब्लैक स्पाट

मध्य प्रदेश में वर्ष 2021 में दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पाट) की संख्या 395 थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद इन्हें कम करने के लिए कई बैठकों में निर्देश दिए। संभावित एजेंसियों से समन्वय बनाकर काम करने के लिए कहा। इसके बाद भी स्थित यह रही की वर्ष 2022 में हुई दुर्घटनाओं के अनुसार ब्लैक स्पाट की संख्या बढ़कर 437 हो गई।

इन कारणों से भी कम नहीं हो रही सड़क दुर्घटनाएं

– सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के कारण होती हैं, पर पुलिस का ज्यादा ध्यान बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट पर कार्रवाई पर रहता है।

– कई बार नियम तोड़ने के बाद भी वाहन चालक का न तो लाइसेंस समाप्त किया जाता है और न ही अन्य कोई सख्त कार्रवाई की जाती।

– ग्रामीण क्षेत्रों में तेज गति से वाहन चलाने के कारण सड़क दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही हैं, पर यहां पुलिस का ध्यान नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.