Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Namo Bharat Train: अब दिल्ली से मेरठ सिर्फ 55 मिनट में, सराय काले खां से मोदीपुरम तक दौड़ने को तैयार... Anant Bhaskar Murder Case: आंध्र प्रदेश के पूर्व MLC अनंत भास्कर पर हत्या का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने... सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: बंगाल में न्यायिक नियुक्तियों पर जारी खींचतान पर SC का बड़ा फैसला, अधिकारिय... बड़ी खबर: क्या बाबरी के नाम पर बन सकती है नई मस्जिद? सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दिया झटका, सुनव... Greater Noida News: रयान इंटरनेशनल स्कूल में एक घंटे तक बाथरूम में बंद रही मासूम छात्रा, परिजनों ने ... भगवान को लिखा 'जॉब लेटर': छात्र ने मांगी 20 लाख के पैकेज वाली नौकरी, बदले में भगवान को दिया ये अनोखा... चुगली की तो कटेगी जेब! अब इधर-उधर की बातें की तो देना होगा भारी जुर्माना, जानें इस अनोखे फैसले के पी... Bihar Assembly News: 'ब्राह्मण' शब्द पर बिहार विधानसभा में हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बोले- "मै... Rahul Gandhi Sultanpur Visit: सुल्तानपुर में फिर मोची रामचेत की दुकान पर रुके राहुल गांधी, बेटी के इ... AAP Attacks Opponents: महिलाओं को 2500 रुपये, प्रदूषण और युवा; आप ने 15 सवालों के जरिए सरकार को घेरा

बुजुर्गों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, अब राम जन्मभूमि में नहीं चलना पड़ेगा पैदल

19

राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर आमंत्रित बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को भव्य परिसर में ज्यादा पैदल चलने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि मंदिर निर्माण ट्रस्ट उनके लिए ई-वाहनों का संचालन कराएगा। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट राम जन्मभूमि पर आने वाले बुजुर्ग आगंतुकों के लिए विशेष व्यवस्था करेगा। वरिष्ठ नागरिकों को भव्य परिसर में ज्यादा पैदल चलने की जरूरत नहीं होगी।

बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुविधा
उन्होंने बताया कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ बीमार लोगों के लिए भी ई-वाहनों का संचालन किया जाएगा। ट्रस्ट जल्द ही दर्जनों छोटे ई-वाहन खरीदेगा। ये ई-वाहन 12 यात्रियों की क्षमता वाले बैटरी चालित ‘गोल्फ कार्ट’ होंगे। मिश्रा ने बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए वरिष्ठ नागरिक राम मंदिर प्रवेश द्वार के स्वागत कार्यालय पर संपर्क कर सकते हैं।

उन्हें ई-वाहनों में बैठाकर गर्भगृह के निकटतम बिंदु तक ले जाया जाएगा और उसी गाड़ी में वापस लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था उन श्रद्धालुओं के लिए होगी जो मुख्य द्वार से गर्भगृह तक 25-30 मीटर तो चल सकते हैं, लेकिन 600 मीटर की दूरी तय नहीं कर सकते। मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.