Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

भारत के बाद इस देश ने की तीन तलाक की मान्यता रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

84

काठमांडू। भारत में तीन तलाक की मान्यता रद्द होने के बाद अब पड़ोसी देश नेपाल ने भी सख्त कदम उठाया है। नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सम्बन्ध विच्छेद के लिए मुसलमानों को विशेषाधिकार नहीं है। बता दें कि इससे पहले भारत में भी तीन तलाक को खत्म कर दिया गया है। नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक की प्रथा को मान्यता नहीं दी जा सकती है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि नेपाल के मौजूदा कानूनों के अनुसार तलाक के अलावा अन्य प्रथागत और किसी सम्प्रदाय विशेष की व्यवस्थाओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्लामिक शरिया कानून के आधार पर दिया गया तलाक महिलाओं के साथ अन्याय है।

भारतीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की हुई बात

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा तीन तलाक को लेकर दिए गए फैसले का जिक्र करते हुए नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत की उच्चतम न्यायालय ने भी तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। उस फैसले के आधार पर नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने भी ‘तलाक-ए-विद्दत’ के मुद्दे को एक आपराधिक कृत्य माना है और इसे अवैध घोषित कर दिया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.