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शारदीय नवरात्र की शुरुआत 14 अक्टूबर से, जानें किस वाहन पर सवार होकर आएंगी देवी मां

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हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है। शक्ति आराधना के इस महापर्व में 9 दिन तक देवी के अलग-अलग रूपों की आराधना की जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस साल शारदीय नवरात्र पर्व 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जो 24 अक्टूबर तक चलेंगे।

हाथी पर सवार होकर आएंगी देवी

पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, इस बार देवी मां हाथी पर सवार होकर आएगी और मुर्गे पर सवार होकर प्रस्थान करेगी। पौराणिक मान्यता है कि जब भी देवी मां हाथी पर सवाल होकर आती है तो इसे काफी शुभ माना जाता है।

कलश स्थापना का मुहूर्त

नवरात्रि पर्व के पहले दिन कलश स्थापना करना चाहिए। हिंदू पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना के लिए सबसे शुभ मुहूर्त 15 अक्टूबर 2023 को 11.40 मिनट से 12.45 मिनट तक है।

एक साल में मनाते हैं 4 नवरात्रि पर्व

ज्योतिष के मुताबिक, एक साल की अवधि के कुल 4 बार नवरात्रि पर्व मनाया है। चैत्र और शारदीय नवरात्र के साथ दो गुप्त नवरात्रि पर्व भी होते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में शारदीय नवरात्र मनाया जाता है। इस दौरान देवी की उपासना का विशेष महत्व होता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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