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बिलासपुर में डेंगू हेमुनगर व पूरा सरकंडा क्षेत्र है बेहद संवेदनशील

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बिलासपुर: मिलने का सिलसिला चालू हो गया है। बीते एक महीने में 20 मरीज मिल चुके हैं और लगातार मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्र संवेदनशील हो गया है। हेमुनगर के साथ ही पूरा सरकंडा परिक्षेत्र में डेंगू के मच्छर सक्रिय हैं। बीते एक महीने से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। अपोलो अस्पताल में अभी दो लोग भर्ती हैं।

वहीं, अन्य मरीज कोरबा, जांजगीर और एक मध्य प्रदेश के शहडोल का रहने वाला है। सभी की हालत स्थिर बनी है। वहीं डेंगू के नए मरीज मिलने से बीमारी फिर फैलने की आशंका बढ़ गई है। मलेरिया विभाग भी नियंत्रण कार्य में जुट गया है। सीएमएचओ डा. राजेश शुक्ला के अनुसार टीम सक्रिय है। संभावित मरीजों की तलाश की जा रही है। साथ ही शहर के स्लम क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है। मितानिनों को सक्रिय किया गया है।

उन्हें डेंगू, मलेरिया व अन्य प्रकार के फ्लू आदि संक्रमण बीमारियों के मरीज खोजने के लिए कहा गया है। मरीज मिलने पर तत्काल उपचार की व्यवस्था कर बीमारी को फैलने से रोका जाएगा।

कालरी क्षेत्र से आ रहे मरीज

डेंगू को लेकर कालरी क्षेत्र बेहद संवेदनशील चल रहा है। जहां जगह-जगह साफ पानी का जमाव बना रहता है। इसमें ही डेंगू के मच्छर पनपते हैं। अपोलो अस्पताल में भर्ती डेंगू के ज्यादातर मरीज कालरी क्षेत्र के हैं। मलेरिया विभाग ने बीमारी से बचने के लिए घर के आसपास साफ पानी जमा न होने की हिदायत दी है।

नियंत्रण में मलेरिया

निजी अस्पतालों की रिपोर्ट के अनुसार मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है। सरकारी अस्पतालों में भी मलेरिया का कोई मरीज भर्ती नहीं है। ऐसे में अभी जिले में मलेरिया मरीजों की संख्या शून्य पर चल रही है। वहीं, जिले के संवेदनशील गांव में 33 हजार मेडिकेटेड मच्छरदानी का वितरण किया जा चुका है। इससे भी मलेरिया के मामलों में कमी आने लगी है।

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