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डेंगू संक्रमित दो भाइयों की मौत, 32 का चल रहा इलाज, 70 वार्डों में चलेगा विशेष अभियान

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आंबेडकर अस्पताल में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। वर्तमान में डेंगू के 32 मरीज वार्ड में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में रोजाना चार से पांच मरीज भर्ती हो रहे हैं। जुलाई और अगस्त में डेंगू के 104 मरीज भर्ती हो चुके हैं।

इधर, आंबेडकर अस्पताल में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। वर्तमान में डेंगू के 32 मरीज वार्ड में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में रोजाना चार से पांच मरीज भर्ती हो रहे हैं। जुलाई और अगस्त में डेंगू के 104 मरीज भर्ती हो चुके हैं। अगस्त में ही करीब 90 मरीज भर्ती हुए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेशभर में विगत आठ माह में डेंगू के 247 मरीज ही मिले हैं। इसमें सबसे अधिक दुर्ग के 104 मरीज शामिल हैं। रायपुर में आठ केस मिले हैं। डेंगू से अभी तक एक भी मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेलीबांधा में डेंगू पीड़ितों के मौत की जांच कराई जाएगी।

आयुष्मान कार्ड से भी डेंगू का इलाज

राजधानी में विगत एक सप्ताह पहले डेंगू संक्रमित दो लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को संक्रमितों की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी निजी अस्पताल संचालक डेंगू मरीजों की जानकारी नहीं दे रहे हैं। राजधानी के निजी अस्पतालों में बड़ी सख्या में डेंगू के मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डेंगू का इलाज आयुष्मान योजना में भी शामिल हैं। यदि कोई निजी अस्पताल डेंगू मरीज की जानकारी नहीं देते हैं तो आयुष्मान कार्ड में डेंगू का क्लेम ब्लाक नही होगा।

शासकीय संस्थानों में जांच व इलाज निश्शुल्क

एम्स, आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल समेत प्रदेश के सभी शासकीय संस्थानों में डेंगू की जांच व इलाज निश्शुल्क है। जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के भर्ती के लिए 40 बिस्तरों का अलग से वार्ड बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू का एलाइजा टेस्ट जरूरी है। निजी अस्पताल संचालक भी डेंगू का एलाइजा टेस्ट के लिए आंबेडकर और जिला अस्पताल में सैंपल भेज सकते हैं।

महामारी नियंत्रण संचालक डा सुभाष मिश्रा ने बताया कि निजी अस्पतालों को डेंगू मरीजों की जानकारी देना अनिवार्य है, ताकि कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग की जा सके। आयुष्मान योजना से भी लोग डेंगू का इलाज करा सकते हैं। डेंगू से किसी की मौत हो जाती है तो उसकी जांच के लिए टीम गठित है। तेलीबांधा में किसी की मौत हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। प्रदेश में डेंगू से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है।

शहर के 70 वार्डों में चलेगा विशेष अभियान

नगर निगम की ओर से डेंगू के प्रति बचाव और जनजागरूकता लाने के लिए मंगलवार से एक सप्ताह तक सभी 10 जोनों के 70 वार्डों विशेष अभियान चलाया जाएगा। महापौर एजाज ढेबर, स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष नागभूषण राव, आयुक्त मयंक चतुर्वेदी ने घर-घर जाकर विंडो कूलरों में भरे पानी को तत्काल खाली कराने, बुखार पीडितों की जानकारी प्राथमिकता से प्राप्त करने, एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग अभियान चलाने के सभी जोन कमिश्नरों, जोन स्वास्थ्य अधिकारियों, सहायक जोन स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वच्छता निरीक्षकों को दिए हैं।

महापौर ढेबर ने सीएमएचओ और सिविल सर्जन के साथ मिलकर सभी वार्डों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त मयंक चतुर्वेदी ने आरडीए और हाउसिंग बोर्ड की सभी कालोनियों, कौशल्या विहार, शहर के आउटर की सभी कालोनियों एवं बस्तियों में विशेष सफाई अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं। महापौर एजाज ढेबर, स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष नागभूषण राव, आयुक्त मयंक चतुर्वेदी सोमवार को निगम के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।

वार्ड का किया निरीक्षण

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष नागभूषण राव ने एमआइसी सदस्य एवं पार्षद जितेन्द्र अग्रवाल के साथ सोमवार को जोन-5 के महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड नंबर-43 के टुरी हटरी, जैतूसाव मठ, पुरानी बस्ती क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। नागभूषण राव ने लोगों से विंडो कूलरों से पानी तत्काल खाली करने का अनुरोध किया।

नियमित फागिंग कराने की मांग

शहर में डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए इसके रोकथाम के उपाय की मांग को लेकर भाजपा पार्षद दल की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे, प्रवक्ता मृत्युंजय दुबे ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर 70 वार्डों में एंटी लार्वा के छिड़काव के साथ-साथ नियमित रूप से फागिंग कराने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने ज्ञापन में कहा है कि जब तक डेंगू पर नियंत्रण नही हो जाता, तब तक वार्डों के हर गली-मोहल्ले में रहने वालों के घरों में दस्तक देकर बुखार से पीड़ित लोगों की लिस्ट बनाकर डेंगू संक्रमण की जांच कराकर इलाज की व्यवस्था की होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में हेल्प डेस्क की स्थापना और डेंगू की रोकथाम की नियमित मानीटिरंग की भी मांग रखी है।

प्रवक्ता मृत्युंजय दुबे ने कहा कि शहर में बढ़ते ड़ेंगू के मामले के लिए नगर निगम की सफाई व्यवस्था जिम्मेदार है। शहर में अमृत मिशन पाइपलाइन और अंडर ग्राउंड केबलिंग के कारण जगह-जगह गढ्ढे, टूटी हुई नालियों की वजह से हर जल भराव रहता है। महीनों से शहर में एंटी लार्वा छिड़काव और फागिंग भी नही हो रहा है। डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहें हैं और पांच से अधिक मरीजों की मृत्यु भी हो चुकी हैं। नगर निगम की ओर से सात दिनों के अंदर डेंगू के नियंत्रण के लिए ठोस कदम नही उठाया जाता तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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