Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"हर घर तिरंगा अभियान: आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों ने फहराया तिरंगा, देशभक्ति के गीतों से गूंजा आंगन... कलेक्टर-एसपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्व तैयारियों का लिया जायजा कलेक्टर और एसपी ने परेड ग्राउ... जिला संयोजक ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के दिए निर्देश आगर-मालवा जिले में जन विश्वास अभियान के तहत 14 अगस्त को बड़ौद के गंगापुर में जन विश्वास शिविर, ग्राम... उज्जैन-आगर मालवा- झालवाड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग (NH-552G) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद महेंद्र सि... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ...

PM Modi AI Video: पीएम मोदी और स्पीकर के AI वीडियो पर एक्शन, कांग्रेस के 9 नेताओं को नोटिस

23

पीएम मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की AI जेनरेटेड वीडियो को लेकर लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस संचार विभाग के 9 नेताओं को विशेषाधिकार हनन और कंटेम्प ऑफ हाउस का नोटिस दिया है. जिन नेताओं को नोटिस दिया गया है, उनमें जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, संजीव सिंह समेत नौ नेता शामिल हैं. इनलोगों से तीन दिन में जवाब मांगा गया है. कांग्रेस के इन नेताओं पर पीएम मोदी और स्पीकर ओम बिरला का एक AI जेनरेटेड वीडियो साझा करने का आरोप है.

जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और संजीव सिंह सहित नौ नेताओं से 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है. दरअसल, सितंबर 2025 में बिहार कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से एक 36 सेकंड का AI वीडियो पोस्ट किया गया था. इसमें पीएम मोदी की दिवंगत माताजी को उनकी राजनीति की आलोचना करते हुए दिखाया गया था. वहीं, पिछले साल दिसंबर में लोकसभा स्पीकर का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें ‘आर्थिक सहायता स्वावलंबन’ योजना के तहत गरीब परिवारों को 12,000 रुपये देने की घोषणा करते हुए दिखाया गया था.

जांच में फर्जी पाया गया वीडियो

पीआईबी फैक्ट चेक और अन्य जांच में पाया गया कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी था. ओरिजिनल वीडियो 1 दिसंबर 2025 का था, जिसमें स्पीकर दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दे रहे थे, लेकिन AI के जरिए उनकी आवाज और ऑडियो बदल दिया गया था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी. पटना हाई कोर्ट ने कांग्रेस को यह वीडियो सोशल मीडिया से तुरंत हटाने का निर्देश दिया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.