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लोन एप से ठगी कर दंपती समेत बच्चों समेत खुदकुशी के लिए उकसाने वाले पांच आरोपित और गिरफ्तार

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भोपाल। रातीबड़ के तिरुपति शिव विहार कालोनी में मासूम बच्चों को जहर देकर फांसी लगाकर खुदकुशी करने वाले दंपती को खुदकुशी के उकसाने वाले के मामले में पुलिस पांच और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। एसआइटी की जांच में पता चला कि मृतक भूपेंद्र विश्वकर्मा से जालसाजों ने हमीदिया रोड भोपाल स्थित यस बैंक में अमायरा ट्रेडर्स के नाम से खोले गए खाते में रकम जमा करवाई गई थी। इस मामले में ट्रेडर्स के प्रोपराइटर और एक बैंक कर्मचारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले एसआइटी राजस्थान से एक आरोपित को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि रुपये ट्रांसफर करवाने वाले मुख्य आरोपित की अभी तलाश की जा रही है।

जानकारी के अनुसार मूलत: रीवा निवासी भूपेंद्र कुमार विश्वकर्मा (38) यहां शिव विहार कालोनी में अपनी पत्नी रितु विश्वकर्मा (34), बेटे रितुराज (8) और रिषीराज (3) के साथ रहते थे। बीती 13 जुलाई को उन्होंने दोनों बच्चों को माजा में जहर पिलाने के बाद पत्नी समेत फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने भूपेंद्र के घर से चार पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद किया था, जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई जालसाजी के बारे में विस्तार से बताया है। दरअसल वह पार्ट टाइम जाब के चक्कर में आनलाइन जालसाजों के चंगुल में फंस गए थे। आनलाइन लोन देने वाले ऐप के माध्यम से उन पर करीब 17 लाख रुपये का लोन हो गया था। जालसाज लोन चुकाने के लिए दबाव डाल रहे थे और उन्हें बदनाम करने लगे थे। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी करने और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

एसआईटी कर रही मामले की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी की गठन किया गया था। एसआईटी ने जालसाजों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके बाद यह दूसरी सबसे बड़ी गिरफ्तारी है। इस बार पुलिस ने अमायरा ट्रेडर्स के प्रोपराइटर शारिक बेग निवासी ईंटखेड़ी, अरशद बेग निवासी तलैया, मोहम्मद उबेस निवासी हनुमानगंज, शाहजवां खान निवासी तलैया और फरहान रहमान निवासी अशोका गार्डन को गिरफ्तार किया गया है।

आरोपितों को कमीशन के मिले 1.80 लाख

रातीबड़ थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि भूपेंद्र विश्वकर्मा के बैंक आफ बड़ौदा के खाते से हमीदिया रोड भोपाल स्थित यस बैंक में स्थित अमायरा ट्रेडर्स के नाम से खुले खाते में रुपये ट्रांसफर हुए थे। अमायरा ट्रेडर्स का प्रोपराइटर शारिक बेग है। उसने बैंक कर्मचारी फरहान की मदद से यह खाता खुलवाया था। उसके खाते में आई रकम के बदले कमीशन के तौर पर 1.80 लाख रुपए मिले थे, जिन्हें आरोपित ने आपस में बांट लिए थे। हालांकि खाते में रुपये ट्रांसफर करवाने वाले जालसाज की गिरफ्तारी अभी नहीं हो पाई है।

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