Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के बाद कोयल मल्लिक को मिला बड़ा राजनीतिक तोहफा, बीजेपी ने दिया राज... दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती: ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत CAQM ने रिंग रोड पर चलाया विशेष नि... मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भ... Amritsar Border Security: अमृतसर में पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एके-47 और हैंड ग्रेनेड ... Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन... मुजफ्फरपुर में पुलिस की शर्मनाक करतूत: अंतरजातीय विवाह से जुड़ी समस्या को लेकर पहुंची महिला को बाल प... Delhi High Court Notice: करोल बाग में मेट्रो निर्माण के लिए पेड़ काटने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, DDA ... पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐलान: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगे 6 महीने, 'लव जिहाद'... Seoni Murder Case: मध्य प्रदेश के सिवनी में सनसनीखेज हत्याकांड, मां और मामा ने मिलकर की 22 वर्षीय यु... विपक्ष की रैली पर आशीष शेलार का तीखा हमला: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को बताया ‘लोमड़ियों ...

कचरा कलेक्शन कपंनी ने एक साथ थमाए 89 महीने के बिल लोगों ने जताया विरोध

51

सागर। शहर में डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन का काम करने वाली रैमकी कंपनी ने 89 महीने के बिल उपभोक्ताओं को एक साथ थमाए हैं। कंपनी नवंबर 2016 से कचरा कलेक्‍शन का कार्य कर रही है, लेकिन अभी तक किसी भी उपयोगकर्ता से शुल्क वसूली नहीं की गई। अब एक साथ 89 महीने के बिल उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं, इससे उपयोगकर्ता भी सकते हैं।

लोगों ने जताया विरोध

एक साथ ढाई हजार रुपये का शुल्क लगने से कई वार्डों में लोग तो बिल लेने से ही बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब कचरा हर रोज ले जा रहा है तो बिल भी महीने के महीने दिए जा सकते थे। अब एक साल करीब आठ साल का बिल मिलने से वे ऐसे कैसे भर पाएंगे।

वर्तमान में कचरा संग्रहण के यह बिल कचरा वाहन चलाने वाले ड्राइवर और हेल्पर्स के माध्यम से ही दिलाए जा रहे हैं। शहर के पाश इलाकों में तो एक मुश्त बिल मिलने से कोई परेशानी नहीं हो रही, लेकिन पिछड़ी बस्तियों में इससे आम लोग नाराज हैं।

कोविड के समय भी बांटे बिल

जानकारी के मुताबिक नवंबर 2016 से शुरू हुई इस योजना के तहत रैमकी कंपनी घर-घर जाकर कचरा ले रही है, लेकिन कंपनी ने बिलों को बांटने में शुरू से ही दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब एक साथ बिलों को वसूला जा रहा है। नवंबर 2016 में रैमकी ने काम शुरू कर दिया था। तब से लेकर हर महीने 30 रुपये के हिसाब से बिल 2670 रुपये के दिए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक नगर निगम ने कंपनी को हर महीने बिलों को बांटने के लिए कहा था, पर बिल जनरेट नहीं किए गए। कंपनी ने मांग की थी कि कचरा टैक्स संपत्ति कर से जोड़ दिया जाए। कंपनी की इस मांग को नगर निगम ने इसलिए खारिज कर दिया कि संपत्तिकर से जोड़ने से नगर निगम को ही नुकसान होगा, क्योंकि संपत्तिकर केवल एक बिल्डिंग का लिया जाता है। वहीं कचरा कलेक्शन बिल्डिंग में रहने वाले मकान मालिक के साथ-साथ किराएदारों से भी लिया जाना है। इससे संपति कर के साथ इसे नहीं दिया गया।

वर्तमान में नगर निगम साडिल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत बिलों को जारी कर रही हैं ऐसे में एक परिवार को 30 रुपये महीने के हिसाब से 2670 रुपए 89 महीने के चुकाने होंगे। वहीं कमर्शियल उपयोगकर्ताओ को उनके क्षेत्र के हिसाब से शुल्क निर्धारित किया गया है। जो 50 से लेकर अलग-अलग निर्धारित है।

55 हजार परिवारों का दिया डाटा

रैमकी ने जो डाटा दिया है अभी करीब 55 हजार परिवारों से कचरा लिया जाता है। इसके अलावा कामर्शियल उपयोगकर्ता अलग हैं। ई-नगर पालिका के माध्यम से इनसे शुल्क लिया जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.