Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

मध्य प्रदेश के 10 जिलों के भूजल में यूरेनियम की मात्रा अधिक बीमारी का बढ़ा खतरा

30

भोपाल। मध्य प्रदेश के 10 जिलों के कई क्षेत्रों के भूजल में यूरेनियम नामक तत्व की मात्रा अधिक मिली है। इससे इस पानी का पेयजल के रूप में प्रयोग होने से लोगों में बीमारी का खतरा बढ़ गया है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। यूरेनियम की अधिक मात्रा वाला पानी पीने से लोगों में किडनी, लिवर खराब होने और कैंसर होने की आशंका बढ़ गई है।

ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र के भूजल में यूरेनियम की मात्रा सबसे अधिक मिली है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के अधिकारियों का यह भी कहना है कि भूजल में यूरेनियम की अधिक मात्रा होने पर वन्यजीव भी प्रभावित होंगे। अधिकारियों के अनुसार भूजल में यूरेनियम प्रदूषण की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में गहन और व्यवस्थित अध्ययन किया जाना प्रस्तावित है।

मध्य प्रदेश के भूजल में यूरेनियम से प्रदूषण के संदर्भ में अंतिम निष्कर्ष गहन और व्यवस्थित अध्ययन पूर्ण होने के बाद ही लिया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी नहीं करता यूरेनियम की जांच विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय नियामक एजेंसियों ने पीने के पानी में यूरेनियम के लिए 30 माइक्रोग्राम प्रति लीटर का मानक निर्धारित किया है।

हालांकि भारत मानक ब्यूरो द्वारा तैयार किए गए देश के राष्ट्रीय पेयजल मानकों में यूरेनियम शामिल नहीं है। राज्य का प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी भूजल में यूरेनियम की मात्रा का परीक्षण नहीं करता है। प्रदेश में पानी में फ्लोराइड की अधिकता वाले 15 जिले प्रदेश में पानी में फ्लोइराइड की अधिकता वाले 15 जिले हैं। यहां राष्ट्रीय फ्लोराइड नियत्रंण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

पानी में 1.1 पीपीएम यानी पार्ट पर मिलियन मात्रा फ्लोराइड की पाए जाने पर वह मानव शरीर के लिए हानिकारक हो जाती है। इससे खास तौर पर बच्चों के दांत और हड्डियों में फ्लोरोसिस नामक बीमारी हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे ही प्रभावित हो रहे हैं।

इन जिलों के भूजल में मिला अधिक यूरेनियम

जिला—ब्लाक या गांव– यूरेनियम (प्रति लीटर में माइक्रोग्राम) बालाघाट–कटंगी ब्लाक का कटेधरा – 30.711 बैतूल–बैतूल– 108.134 बैतूल–खेडी– 39.402 छतरपुर–बिजावर ब्लाक का गुलगंज–47.453 छतरपुर–कुर्री — 39.870 दतिया–भांडेर–32.870 दतिया-दतिया- 96.716 दतिया-इमलिया– 51.902 ग्वालियर–घाटीगांव–233.910 ग्वालियर–डबरा ब्लाक के टेकनपुर–58.497 झाबुआ–थांदला- 75.001 पन्ना- शाहनगर ब्लाक का कौनखेड़ा- 37.081 रायसेन- औबेदुल्लागंज ब्लाक का मेंडवा–51.323 सिवनी– केवलारी का धांगड़ा– 203.303 सिवनी– कुरई ब्लाक का खवासा– 61.394 शिवपुरी– पिछोर ब्लाक का डोला–79.072 (स्रोतः केंद्रीय भूजल बोर्ड)

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.