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आलू में भी मिलावट सुंदर दिखे इसलिए लगा रहे सीमेंट पाउडर

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ग्वालियर: सब्जियों का राजा माना जाने वाला आलू में भी अब मिलावट हो रही है। आलू को सुन्दर दिखाने और उसके कमियां छिपाने के लिए व्यापारी उस पर सीमेंट तक मिला रहे हैं। सीमेंट मिला आलू इन दिनों लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी में धड़ल्ले से बिक रहा है। जिस पर न तो मंडी प्रबंधन ध्यान दे रहा है और न हीं फूड विभाग कभी नजर घुमाता है।

मुनाफे को लेकर व्यापारी आमजन की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। हालात यह हैं कि मंडी में आलू बेचने वाले विक्रेता अपने हाथ सुरक्षित रखने के लिए आलू बेचते वक्त दस्ताने का प्रयोग कर रहे हैं। क्योंकि आलू के संपर्क में बार बार हाथ आने से हाथ कट फट रहे हैं जिससे जलन हो रही है। यह आलू आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकरक है। डाक्टरों का कहना है कि मिलावटी सब्जी आपके स्वास्थ्य को खराब कर सकती है, इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। इसलिए सब्जियों का सेवन करने से पहले विशेष सावधानी रखें और बीमारी से बचें।

कैंसर तक हो सकता, आलू छीलकर ही उपयोग करें

जीआरएमसी के मेडिसिन विभाग के डा. मनीष शर्मा का कहना है कि आलू में सीमेंट या पाउडर का छिड़काव बीमारी का कारण बनता है। क्योंकि काफी सारे लोग आलू बिना छिले खाना पसंद करते हैं। ऐसे में थोड़ा-थोड़ा कर यह केमिकल उनके पेट में पहुंचता है, जिससे आंत का कैंसर, पेट में सूजन, हाजमा खराब, उल्टी दस्त की शिकायत, पेट में दर्द आदि की समस्या हो सकती है। देखा भी जा रहा है कि पेट संबंधी विकार कुछ साल से तेजी से बढ़े हैं।

खाने से पहले आलू को साेड़ा और नमक के पानी में भिगोयें

मेडिसिन की डा. अर्चना गुप्ता का कहना है कि पेट में सीमेंट पहुंचने से किडनी में पथरी हो सकती है। लीवर व किडनी डैमेज हो सकती है और गैस्ट्रो से संबंधित परेशानी का कारण बनता है। कुछ समय से गैस्ट्रो संबंधी परेशानी लोगों में बढ़ी है। इसलिए आलू को छीलने के बाद ही सब्जी बनाएं तथा सब्जी को बनाने से पहले उसे 20 मिनट के लिए खाने के सोड़ा व नमक के पानी में भिगोकर रखें।

कोल्ड स्टोर से ही सीमेंट पावडर लगा आलू आ रहा है

इन दिनों कोल्ड स्टोर से आलू की सप्लाई मंडियों में हो रही है। ग्वालियर लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी में यूपी के इटावा, कन्नौज, बदायूं सहित अन्य स्थानों से आलू की आवक हो रही है। सब्जी विक्रेता महावीर बताते हैं कि इस वक्त डायमंड और हीरा चंबल नाम का आलू सस्ता आ रहा है। इसकी थोक में कीमत करीब 12 से 14 रुपये है, लेकिन बिकता 18 से 20 रुपये किलो। यह सुन्दर और तरोताजा दिखता है। असल में इस पर पाउडर मिला होता है जो उसके दुर्गुण और दाग को छिपा लेता है। ऐसा आलू कोल्ड स्टोर से ही आ रहा है। मैं दस्ताने इसलिए पहनता कि हाथ सुरक्षित रहें।

मौसमी सब्जी के अलावा सभी में कैमिकल का प्रयोग

थोक व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मौसमी सब्जियां जैसे अरबी, कद्दू, लौकी, तोरई, ककोरा आदि सब्जियां ही ठीक हैं। बाकी बे मौसम सब्जियों में कैमिकल का छिड़काव होता है। अन्यथा वह इतने समय तक सही स्थिति में नहीं रह सकती। वहीं डाक्टर भी इस मौसम में पत्तेदार सब्जियां खाने से रोकते हैं क्योंकि यह सब्जियां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। ऐसे में डाक्टराें का भी मानना है कि सब्जियों को इस्तेमाल से पहले अच्छे से धोकर ही उपयोग में लेना चाहिए।

मंडी में इन दिनों यूपी से आने वाले आलू में सीमेंट का पाउडर मिला हुआ आ रहा है। व्यापारी बेच भी रहे हैं। यह पाउडर आलू को तरो ताजा व सुन्दर दिखे तथा जीएम आलू की नकल करने के लिए मिलाया जाता है। इससे नुकसान हो सकता है, लेकिन फूड विभाग और मंडी प्रबंधन इस पर ध्यान ही नहीं दे रहा है। जबकि इस कारण से यह आलू दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में प्रतिबंधित हो चुका है।

आशु पाठक, थोक व्यापारी

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