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आजाद हिंद एक्सप्रेस 10 तो आठ घंटे विलंब से पहुंची उत्कल एक्सप्रेस

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 बिलासपुर। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। आलम यह है कि आजाद हिंद एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें आठ से 10 घंटे देरी से चल रही है। रविवार को भी स्थिति कुछ इसी तरह रही। स्टेशन में ट्रेन का इंतजार करते यात्री परेशान होते रहे। इस बीच रेल कर्मचारियों पर नाराजगी भी जाहिर की गई। कर्मचारियों ने अब नई वजह बरसात को बता रहे हैं। जबकि ट्रेनें करीब सात से आठ महीने से इसी तरह विलंब से चल रही है।

ट्रेन का सफर यात्रियों के लिए मुश्किल भरा हो गया है। यदि यात्रियों के मन की बात जाने, तो वह किसी भी स्थिति में ट्रेन से सफर नहीं करना चाहते। लेकिन, गंतव्य पर पहुंचने के लिए इससे बेहतर संसाधन भी नहीं है। खासकर जब लंबी दूरी की यात्रा करनी हो। यात्रियों बीते सात से आठ महीने से यहीं आस लगाए बैठे है कि ट्रेनों का परिचालन समय जल्द सुधर जाएगा। लेकिन, स्थिति सुधारने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। रोज की तरह रविवार को भी सभी प्रमुख ट्रेनों के लिए यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। पुणे- हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 10 घंटे, उत्कल एक्सप्रेस आठ घंटे, हावड़ा से पुणे जाने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस पांच घंटे विलंब से पहुंची, जबकि इसके बिलासपुर पहुंचने का समय सुबह नौ बजे हैं। यात्री सुबह आठ बजे से स्टेशन पहुंचकर ट्रेन का इंतजार करते नजर आए। इसी तरह समरसता एक्सप्रेस छह घंटे और कोरबा- यशवंतपुर एक्सप्रेस दो घंटे विलंब से बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। ये सभी प्रमुख ट्रेनें है और सालभर में इनमें भीड़ रहती है। यात्रियों के बीच पूछपरख होने के बाद भी रेल प्रशासन इन ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका सीधा खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

विलंब के साथ रद ट्रेनों से भी यात्री परेशान

एक दो ट्रेनें विलंब से चल रही है, ऊपर से अलग- अलग से सेक्शन में विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिए रेलवे ने ट्रेनें रद कर दी है। इनमें टाटा- इतवारी एक्सप्रेस, बिलासपुर – कोरबा लोकल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। इसकी वजह से यात्रियों को दिक्कत हो रही है।

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