जशपुरनगर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर स्थित ‘बगिया’ कैंप कार्यालय से जिले के युवाओं के लिए ‘युवा रोजगार कौशल कार्यक्रम’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत जिले के सभी आठ विकासखंडों से लगभग 15 हजार युवाओं का चयन किया जाएगा, जिन्हें रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण और उच्च स्तर का करियर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
जिला प्रशासन और वाधवानी फाउंडेशन के बीच हुआ तीन साल का एमओयू, स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क के जरिए मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस अवसर पर स्थानीय जिला प्रशासन और प्रतिष्ठित ‘वाधवानी फाउंडेशन’ के बीच अगले तीन वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन फाउंडेशन के सक्रिय सहयोग से ‘स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क’ (SDN Trust) के माध्यम से किया जाएगा। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी और पारंपरिक शिक्षा तक ही सीमित न रखना, बल्कि उन्हें नौकरी, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र के लिए व्यावहारिक रूप से पूरी तरह तैयार करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान— आधुनिक तकनीक, संवाद कौशल और व्यावहारिक कार्यक्षमता से लैस होंगे जशपुर के जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवा
कार्यक्रम के दौरान अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज के अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री या योग्यता ही पर्याप्त नहीं रह गई है। युवाओं के पास कंप्यूटर और उन्नत तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उत्कृष्ट संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और व्यावहारिक कार्यक्षमता का होना भी बेहद जरूरी है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और समय की मांग के अनुरूप आधुनिक कौशल प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जशपुर जैसे जनजातीय बहुल और सुदूर क्षेत्रों के युवाओं को भी आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए व बेहतरीन अवसरों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है।
40 घंटे का होगा विशेष प्रशिक्षण सत्र, 1800 से अधिक करियर विकल्पों में से रुचि के अनुसार चुनने की मिलेगी पूरी छूट
इस विशेष कार्यक्रम के प्रावधानों के तहत प्रत्येक युवा को लगभग 40 घंटे का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान युवाओं को 1800 से भी अधिक विभिन्न करियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपनी व्यक्तिगत रुचि और क्षमता के आधार पर अपने भविष्य की सही राह चुन सकें। सबसे खास बात यह है कि करियर के चयन से लेकर नौकरी की अंतिम तैयारी तक की पूरी प्रक्रिया में युवाओं को निःशुल्क और पेशेवर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
स्कूलों की नौवीं कक्षा से लेकर कॉलेज और आईटीआई तक पहुंचेगा अभियान, हर आयु वर्ग के छात्रों को मिलेगा लाभ
यह विस्तृत योजना जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों में प्रभावी ढंग से लागू की जाएगी। इसके तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को बुनियादी करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कॉलेज के छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर नौकरी और उद्यमिता के लिए तैयार किया जाएगा, जबकि आईटीआई और तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को उनके ट्रेड के तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारियां सिखाई जाएंगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर की बारीकियों के साथ-साथ रिज्यूमे मेकिंग और मॉक इंटरव्यू की भी मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
बदलते दौर की तकनीकी जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटर ज्ञान, पारस्परिक संवाद व व्यवहार, कार्य उत्पादकता और व्यावसायिक दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके अलावा युवाओं को वित्तीय साक्षरता, स्टार्टअप शुरू करने और अपना नया व्यवसाय स्थापित करने की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी। नौकरी की तैयारी के लिए आकर्षक रिज्यूमे तैयार करना, मॉक इंटरव्यू देना और साक्षात्कार (Interview) के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का सामना करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे।
नौकरी के साथ खुद का स्टार्टअप और स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं को भी मिलेगा 6 से 12 महीने तक लगातार मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य केवल सैद्धांतिक प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के वास्तविक और जमीनी अवसरों से जोड़ना है। इसके लिए देश के प्रमुख नियोक्ताओं के नेटवर्क के माध्यम से युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर, जो युवा नौकरी के बजाय अपना खुद का कारोबार या व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक होंगे, उन्हें स्थानीय स्तर पर उद्यम स्थापित करने और उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए 6 से 12 महीने तक विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, एआई आधारित टूल्स और हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अध्ययन की मिलेगी सुविधा
जिला प्रशासन और वाधवानी फाउंडेशन के बीच हुआ यह एमओयू तीन वर्षों के गैर-वित्तीय सहयोग पर पूरी तरह आधारित है। इसके तहत SDN Trust द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, एआई आधारित आधुनिक टूल्स, उच्च गुणवत्ता वाली प्रशिक्षण सामग्री, शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं और ऑनलाइन मूल्यांकन की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। यह प्रशिक्षण सफलतापर्वक पूरा करने वाले सभी युवाओं को आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में एआई ट्यूटर और ऑनलाइन अध्ययन की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध रहेगी।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी पहल, गणमान्य अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि जशपुर में शुरू की गई यह अनूठी पहल जिले के युवाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने में बेहद मील का पत्थर साबित होगी। इससे ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के युवाओं को भी अपने ही गृह जिले में रहकर अपने सपनों का करियर बनाने, अच्छी नौकरी पाने और स्वरोजगार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इस गरिमामयी शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, जिला मिशन प्रबंधक विजय शरण प्रसाद, डीपीएम गयाप्रसाद चौरसिया, भरत सिंह, सुनील गुप्ता सहित क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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