Gumla Human Trafficking Case: झारखंड के गुमला में सनसनीखेज मामला, 15 साल की किशोरी को 20 हजार में बेचकर राजस्थान में रचाई शादी
गुमला: प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों से भरपूर झारखंड राज्य में बेरोजगारी आज एक गंभीर अभिशाप का रूप ले चुकी है। यही मुख्य कारण है कि राज्य के भोले-भाले ग्रामीण इलाकों से विशेष तौर पर बच्चे और महिलाएं आसानी से मानव तस्करों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसा ही एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला झारखंड के गुमला जिले से प्रकाश में आया है। यहां के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी को बेहतर आजीविका और अच्छी नौकरी का झूठा लालच देकर पहले दिल्ली ले जाया गया, और फिर वहां से राजस्थान के एक बुजुर्ग व्यक्ति को मात्र 20 हजार रुपये में बेच दिया गया।
गांव की ही एक महिला ने दिखाए थे सुनहरे सपने, राजस्थान ले जाकर बुजुर्ग से जबरन शादी रचाकर घर में बनाया गया था बंधक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वीभत्स वारदात को गांव की ही एक महिला द्वारा सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसने पीड़िता को उज्ज्वल भविष्य के हसीन सपने दिखाए थे। आरोप है कि राजस्थान का रहने वाला वह बुजुर्ग उस बच्ची को खरीदने के बाद उसे अपने साथ राजस्थान ले गया, जहाँ उसने मासूम के साथ जबरन विवाह रचा लिया। इसके बाद आरोपी ने किशोरी को अपने घर के भीतर ही कैद कर लिया और रोजाना उसका मानसिक व शारीरिक रूप से यौन शोषण करना शुरू कर दिया। जब-जब उस नासमझ बच्ची ने इस अमानवीय उत्पीड़न और ज्यादती का विरोध किया, तो उसे लात-घूंसों और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया।
जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग के चंगुल से भाग निकली पीड़िता, दिल्ली और रांची का सफर तय कर रविवार को पहुंची अपने घर
इस खौफनाक नर्क से निकलने के लिए किशोरी ने एक दिन अपनी पूरी हिम्मत जुटाई और मौके का फायदा उठाकर उस बुजुर्ग के चंगुल से भागने में सफल हो गई। वह राजस्थान से किसी तरह पहले दिल्ली पहुँची, और वहां से ट्रेन या बस का सफर तय करते हुए रांची के रास्ते बीते रविवार को अपने गृह जिले गुमला स्थित घर वापस पहुँच गई। घर लौटने के बाद उसने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिवारवालों ने उसे साथ लिया और तुरंत बिशुनपुर थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
महज चार महीने पहले हुई थी घटना, जतरी उराव और सुनीता नामक महिलाओं पर लगा बेचने का गंभीर आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि यह पूरी घटना जुलाई महीने की है, जब जतरी उराव नामक एक महिला उसे रोजगार दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गई थी। दिल्ली पहुंचने पर उसने पीड़िता को सुनीता नामक अन्य महिला के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद सुनीता उसे अपने साथ राजस्थान लेकर गई, जहाँ उसे 20,000 रुपये की एवज में उस बुजुर्ग को बेच दिया गया। उस बुजुर्ग के घर वह लगभग तीन महीने तक कैद में रही, जहाँ उसे लगातार बंधक बनाकर शारीरिक प्रताड़ना दी गई। फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए गहन छानबीन शुरू कर दी है।
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