Balrampur News: स्वामी आत्मानंद स्कूल में आशाराम बापू की फोटो वाली किताब बांटने पर बड़ी कार्रवाई, प्रभारी प्राचार्य पद से हटाए गए
बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के अंतर्गत आने वाले रघुनाथ नगर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में हाल ही में सामने आए एक बड़े विवाद के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विद्यालय के भीतर स्कूली मासूम बच्चों को ऐसी पुस्तकें वितरित की गई थीं, जिन पर विवादास्पद और सजा काट रहे आशाराम बापू की तस्वीरें छपी हुई थीं। इस गंभीर मामले के प्रकाश में आने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए स्कूल के प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पद से हटा दिया है। इसके अलावा, इस पूरे प्रशासनिक घटनाक्रम से जुड़े अन्य मामलों में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने बलरामपुर जिले के जिला मिशन समन्वयक (DMC) को भी निलंबित करने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
बच्चों के परिजनों ने जताई थी कड़ी नाराजगी और की थी लिखित शिकायत, नए प्राचार्य को सौंपी गई कमान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले रघुनाथ नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र-छात्राओं को जो अध्ययन सामग्री व पुस्तकें बांटी गई थीं, उनमें विवादास्पद आचरण के चलते सजा काट रहे आशाराम बापू की तस्वीरें छपी होने के कारण स्थानीय अभिभावकों और बच्चों के परिजनों ने अपना कड़ा रोष व्यक्त किया था। परिजनों द्वारा इस बात की औपचारिक शिकायत संबंधित शिक्षा अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषी प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राचार्य पद से मुक्त कर दिया। हटाए गए प्रभारी प्राचार्य के स्थान पर अब व्याख्याता कुलेश्वर सिंह को स्कूल के नए प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहें।
छात्रावास अधीक्षिका के विवादित तबादले के मामले में डीपीआई ने जिला मिशन समन्वयक (DMC) को किया निलंबित
इस बीच, स्कूल शिक्षा विभाग के भीतर एक अन्य प्रशासनिक अनियमितता के मामले में भी गाज गिरी है। जिला मिशन समन्वयक (DMC) के पद पर कार्यरत चंद्रभूषण गुप्ता को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जारी किए गए निलंबन आदेश के अनुसार, मूल रूप से व्याख्याता के पद पर कार्यरत और डीएमसी का प्रभार संभाल रहे चंद्रभूषण गुप्ता द्वारा एक छात्रावास अधीक्षिका को बिना किसी पूर्व कारण या नोटिस के उनके पद से हटाते हुए दूसरी शिक्षिका को वह प्रभार सौंप दिया गया था और उन्हें अटैच कर दिया गया था। इस मनमाने फैसले की शिकायत सीधे लोक शिक्षण संचालनालय में की गई थी, जिसकी जांच के बाद डीपीआई कार्यालय ने बलरामपुर के डीएमसी चंद्रभूषण गुप्ता को निलंबित कर उनका मुख्यालय सरगुजा संयुक्त निदेशक (JD) शिक्षा कार्यालय तय कर दिया है।

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