Sukma Naxal Dump Recovered: सुकमा के जंगलों में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, टिफिन आईईडी, डेटोनेटर और जिंदा कारतूस का जखीरा बरामद
सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों के जवानों ने एक बार फिर नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेरते हुए एक बड़े नक्सल डंप का पर्दाफाश किया है। यह बरामदगी कुकानार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुमनपारा और जोंगेरास के बेहद दुर्गम जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र में की गई है। इलाक़े में चलाए जा रहे विशेष सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए इस खुफिया ठिकाने की जानकारी मिली, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सटीक सूचना के आधार पर जिला बल और डीआरजी ने चलाया साझा ऑपरेशन
सुकमा जिला पुलिस की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई बीते 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके कुछ माओवादियों से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर अंजाम दी गई है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जिला बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीमों को मैदान में उतारा गया था, जिन्होंने दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों को खंगालते हुए इस डंप को ढूंढ निकाला।
दो टिफिन बम, जिलेटिन रॉड और जिंदा कारतूस समेत भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त
सुरक्षा बलों द्वारा जब इस बरामद डंप की गहन तलाशी ली गई, तो वहां से बड़े पैमाने पर विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद हुआ। इसमें पांच किलोग्राम और तीन किलोग्राम वजनी दो खतरनाक टिफिन आईईडी (IED) शामिल हैं। इसके साथ ही मौके से 315 बोर के 14 जिंदा कारतूस, 14 जिलेटिन रॉड और 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर भी सुरक्षाबलों के हाथ लगे हैं, जिन्हें समय रहते जब्त कर लिया गया।
जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ लगातार जारी है सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान
सुकमा पुलिस का कहना है कि सुदूर अंचलों के जंगलों में नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए हथियारों, गोला-बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्रियों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों के द्वारा लगातार कॉम्बिंग और सर्चिंग ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इस प्रकार की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों के नापाक इरादों को नाकाम करना और क्षेत्र से खतरनाक विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से बरामद कर संभावित बड़े खतरों को पूरी तरह से टालना है।
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में लगातार सामने आ रही नक्सल डंप बरामदगी की घटनाएं
बस्तर संभाग के अन्य जिलों में भी सुरक्षा बलों द्वारा माओवादियों के खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई बड़े नक्सल डंप पकड़े गए हैं:
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6 सितंबर: सुकमा जिले के चिंतलनार स्थित चिन्नाबोड़केल इलाके में नक्सली डंप से भरमार बंदूक, वायरलेस सेट और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
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6 सितंबर: कोंडागांव जिले के मर्दापाल थाना क्षेत्र में मिले नक्सल डंप से 9 एमएम पिस्टल, 160 नग जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर, वायरलेस सेट और भारी मात्रा में विस्फोटक मिला।
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29 अगस्त: बीजापुर में एक नक्सली को भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सल डंप के साथ गिरफ्तार किया गया।
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25 अगस्त: कांकेर के कन्हारगांव जंगल से भारी नक्सल डंप बरामद हुआ, जिसमें 40 डेटोनेटर और बारूद से भरे दो स्टील टिफिन बम शामिल थे।
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25 अगस्त: कांकेर के मारखेड़ी जंगल में चले अभियान के दौरान 4 भरमार बंदूक, 3 बैरल, 1 वायरलेस सेट, बिजली के तारों के 3 बंडल, 1 जीपीएस, एक छोटा सोलर प्लेट और चार्जर बरामद हुआ।
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24 अगस्त: सुकमा के मुनुरकोंडा के जंगलों से हथियारों का बड़ा जखीरा मिला, जिसमें ऑटोमैटिक हथियार, देसी हथियार, जिंदा कारतूस, बीजीएल सेल, जिलेटिन स्टिक और भारी मात्रा में गन पाउडर शामिल था।
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