NPPA Cancer Drugs Price Drop: कैंसर के मरीजों को बड़ी राहत, NPPA ने जारी की 543 दवाओं के संशोधित MRP की नई लिस्ट; 9 नवंबर से लागू होंगी कीमतें
नई दिल्ली: देश के कैंसर रोगियों और उनके परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कैंसर के उपचार में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली दवाओं के कुल 543 ब्रांडों के लिए संशोधित कीमतों की एक नई लिस्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इन सभी दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। तय किए गए नए निर्देश के अनुसार, ये संशोधित कीमतें आगामी 9 नवंबर, 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी। अथॉरिटी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस सूची को समय-समय पर आगे भी अपडेट किया जाता रहेगा ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्युटिकल विभाग के तहत जारी हुई सूची, गैर-अनुसूचित दवाओं पर भी नजर
यह महत्वपूर्ण सूची रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फार्मास्युटिकल विभाग के माध्यम से जारी की गई है। इस वर्तमान सूची में 27 अक्टूबर, 2026 तक देश की विभिन्न फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारियों और आंकड़ों को शामिल किया गया है। विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे अन्य गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं की संशोधित कीमतें प्राप्त होती जाएंगी, इस सूची को और अधिक व्यापक रूप से अपडेट किया जाएगा ताकि कोई भी दवा इस दायरे से बाहर न छूटे।
137 कैंसर-रोधी दवाओं के ट्रेड मार्जिन को किया गया 30 प्रतिशत तक सीमित, इलाज के आर्थिक बोझ से मिलेगी राहत
कीमतों की समीक्षा के इस बड़े कदम के अलावा, सरकार ने कैंसर के इलाज में काम आने वाली 137 प्रमुख दवाओं के ट्रेड मार्जिन को अधिकतम 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को पूरी उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक फैसले से ये जीवनरक्षक दवाएं बाजार में मरीजों को काफी कम और किफायती कीमतों पर मिल सकेंगी, जिससे गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के इलाज के भारी-भरकम आर्थिक बोझ में कुछ हद तक राहत जरूर मिलेगी।
सरकार द्वारा जारी सूची के मुताबिक कुछ चुनिंदा कैंसर की दवाओं की कीमतों में 70 से 90 प्रतिशत तक की भारी गिरावट
सरकार की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कई जरूरी दवाओं की कीमतों में सीधे तौर पर 70 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत से भी अधिक की अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी विस्तृत सूची में कैंसर की उन विशिष्ट दवाओं का पूरा विवरण देखा जा सकता है, जहां पुरानी और नई दरों की तुलना की गई है। इस तुलनात्मक अध्ययन से मरीज और उनके परिजन यह आसानी से समझ सकते हैं कि प्रत्येक दवा की खरीद पर कितनी वित्तीय बचत हो रही है, चाहे वह बचत सीधे तौर पर रुपयों के रूप में हो या फिर प्रतिशत के रूप में।
जरूरी और जीवनरक्षक दवाओं को आम जनता के लिए अधिक किफायती बनाना है मुख्य उद्देश्य
सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि ट्रेड मार्जिन को सीमित करने और दवाओं की कीमतों की निरंतर समीक्षा करने का एकमात्र और मुख्य उद्देश्य आम मरीजों के लिए जरूरी तथा जीवनरक्षक दवाओं को अधिक से अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। एक बार ये नई दरें पूरी तरह लागू हो जाने के बाद, कैंसर के उपचार में उपयोग की जाने वाली कई प्रमुख और महंगी दवाएं पूरे देश में पहले के मुकाबले बेहद कम कीमतों पर मरीजों को आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
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