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Rowghat Railway Station: 79 साल बाद रावघाट में दौड़ी ट्रेन, किसानों और युवाओं की जगी उम्मीद

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नारायणपुर: रावघाट रेलवे स्टेशन से यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने से अबूझमाड़ और आसपास के दूरस्थ गांवों को शहरों से जुड़ने का नया विकल्प मिला है। किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, ग्रामीणों को वन उपज की बेहतर कीमत पाने और युवाओं को शिक्षा-रोजगार के अवसर पाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

🚂 79 साल बाद रावघाट क्षेत्र में रेल सेवा की शुरुआत

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में रेल सेवा की शुरुआत स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है। कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र और नारायणपुर जिले की सीमा से लगे ग्राम सरंगीपाल स्थित रावघाट रेलवे स्टेशन से 20 अक्टूबर को पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू की गई।

इस मौके पर स्टेशन को सजाया गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण उत्साह के साथ पहुंचे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, कांकेर सांसद भोजराज नाग और अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। करीब 79 साल बाद इस क्षेत्र में यात्री रेल सेवा शुरू होने को ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे लोगों को आवागमन का एक नया विकल्प मिला है।

🌾 किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने की उम्मीद

रेल सेवा शुरू होने से किसानों को बड़े शहरों तक जाने और वहां के बाजारों की जानकारी जुटाने का अवसर मिल सकता है। वे कृषि कारोबारियों से संपर्क कर सकते हैं और अपनी उपज बेचने के नए विकल्प तलाश सकते हैं। रावघाट और आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में लोग खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में किसानों के लिए सही समय पर और उचित कीमत पर अपनी उपज बेचने के लिए रेल सेवा एक सशक्त माध्यम बन सकेगी। साथ ही अबूझमाड़ और आसपास के जंगलों में महुआ, इमली, तेंदूपत्ता, चिरौंजी सहित कई तरह की वन उपज मिलती है। इसका भी अच्छा बाजार तलाशने के लिए ग्रामीण रेल से सफर कर दूसरे शहरों तक जा सकेंगे।

🚜 खाद-बीज और कृषि उपकरणों तक पहुंच हो सकती है आसान

दूरस्थ गांवों के किसानों को खाद, बीज, कृषि उपकरण और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरी सामग्री खरीदने के लिए भी कई बार दूर जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। बेहतर रेल संपर्क से किसानों को शहरों तक पहुंचकर कृषि से जुड़े नए उपकरणों, तकनीकों और संसाधनों के बारे में जानकारी लेने का अवसर मिल सकता है। वे कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं और विशेषज्ञों से खेती के नए तरीकों के बारे में जान सकते हैं।

🎓 युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते

रावघाट क्षेत्र के युवाओं के लिए रेल सेवा की शुरुआत खास महत्व रखती है। दूरस्थ गांवों में रहने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के लिए अक्सर अपने गांव से बाहर जाना पड़ता है। लंबी दूरी और यात्रा का खर्च कई युवाओं के लिए परेशानी पैदा करते हैं। ऐसे में रेल सेवा उन्हें शहरों तक पहुंचने का एक अतिरिक्त विकल्प दे सकती है। युवा आगे की पढ़ाई, प्रवेश परीक्षाओं, कोचिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए यात्रा कर सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को भर्ती परीक्षाओं, साक्षात्कार और रोजगार मेलों में शामिल होने में भी मदद मिल सकती है।

🚉 नियमित ट्रेन सेवा और बेहतर सुविधाएं होंगी जरूरी

रावघाट रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन शुरू होने से ग्रामीणों में उत्साह है। रावघाट से शुरू हुई यह रेल सेवा क्षेत्र के लोगों के लिए उम्मीद का नया रास्ता खोलती है। अब जरूरत है कि इस संपर्क को ठोस अवसरों में बदला जाए, ताकि इसका लाभ स्टेशन से आगे बढ़कर आसपास के गांवों, किसानों, वन उपज संग्राहकों और युवाओं तक पहुंचे।

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